मौसम / पर्यावरण | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 25 अप्रैल 2026
इस साल गर्मी कुछ ज्यादा ही परेशान कर सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अल नीनो तय समय से पहले आ सकता है और इसका असर सीधे भारत के मौसम पर पड़ेगा। अगर ऐसा हुआ, तो मई-जून से ही तेज गर्मी और हीटवेव का दौर शुरू हो सकता है, जबकि बारिश भी सामान्य से कम हो सकती है।
दरअसल, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने संकेत दिए हैं कि प्रशांत महासागर में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। यह वही स्थिति है, जो अल नीनो को जन्म देती है। पहले माना जा रहा था कि यह अगस्त-सितंबर के आसपास आएगा, लेकिन अब इसके मई से जुलाई के बीच सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।
गर्मी का कहर बढ़ेगा
अगर अल नीनो जल्दी आता है, तो देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है। यानी लू (हीटवेव) के दिन बढ़ेंगे और लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी। शहरों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं, क्योंकि वहां ‘हीट आइलैंड’ असर गर्मी को और बढ़ा देता है।
इसका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ेगा—बिजली की मांग बढ़ेगी, पानी की खपत बढ़ेगी और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक जैसे मामलों में इजाफा हो सकता है।
मानसून पर मंडराता खतरा
अल नीनो का सबसे बड़ा असर मानसून पर पड़ता है। मौसम विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि इस बार बारिश सामान्य से कम रह सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो खेती पर असर पड़ेगा, खासकर उन इलाकों में जहां खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है।
कम बारिश का मतलब सिर्फ फसल नुकसान नहीं, बल्कि पानी की कमी भी है। इससे गांवों के साथ-साथ शहरों में भी जल संकट गहरा सकता है।
हिमालय से भी चिंता की खबर
एक और चिंताजनक बात सामने आई है—हिंदूकुश-हिमालय क्षेत्र में इस साल बर्फ का स्तर काफी कम दर्ज किया गया है। यह पिछले 20 साल में सबसे कम बताया जा रहा है। इसका असर नदियों के पानी पर पड़ेगा, जिससे करोड़ों लोगों की जल सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
दुनिया भर में दिखेगा असर
अल नीनो का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहता। कुछ जगहों पर सूखा पड़ सकता है, तो कुछ इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में सूखे की आशंका है, जबकि अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में ज्यादा बारिश हो सकती है।
क्या करना होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारों को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। पानी बचाने की योजनाएं, बिजली प्रबंधन और खेती के तरीके बदलने जैसे कदम जरूरी होंगे। आम लोगों को भी गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए—जैसे ज्यादा पानी पीना, धूप में कम निकलना और स्वास्थ्य का ध्यान रखना। इस साल मौसम का मिजाज सामान्य नहीं रहने वाला। अगर अल नीनो ने जल्दी दस्तक दी, तो गर्मी और पानी—दोनों ही बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इसलिए आने वाले महीनों में सतर्क रहना ही सबसे बेहतर उपाय है।




