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बैसाखी पर योग की ऊर्जा: मुस्कान, अनुशासन और सकारात्मकता से सजी एक प्रेरक सुबह

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धर्म | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 13 अप्रैल 2026

बैसाखी की सुनहरी सुबह… हल्की धूप, मन में नई उम्मीदें और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा की मधुर अनुभूति। ऐसे ही पावन अवसर पर निगम प्रतिभा, जहांगिरीपुरी, दिल्ली में आयोजित योग कार्यशाला ने हर उपस्थित व्यक्ति के मन को एक अलग ही सुकून और उत्साह से भर दिया। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाला एक जीवंत अनुभव बन गया, जिसने हर चेहरे पर संतोष की चमक बिखेर दी।

विद्यालय परिसर में जैसे ही योग की शुरुआत हुई, छात्र-छात्राओं की अनुशासित पंक्तियां और उनके चेहरे पर झलकता उत्साह अपने आप में एक प्रेरक दृश्य बन गया। हर आसन के साथ उनके भीतर आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार होता नजर आया। ऐसा लग रहा था मानो बैसाखी का यह पर्व केवल फसल और खुशहाली का ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और जागरूक समाज की नई फसल बोने का भी संदेश दे रहा हो।

इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने अतिथियों का जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ स्वागत किया, वह दिल को छू लेने वाला था। इस सफल आयोजन के पीछे प्रधानाचार्य ज्ञानधन झा का दूरदर्शी मार्गदर्शन और समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उनके नेतृत्व ने इस कार्यशाला को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहने दिया, बल्कि इसे एक उद्देश्यपूर्ण पहल बना दिया। नवनीत सर, जया मैम और समस्त विद्यालय स्टाफ की मेहनत, समन्वय और सेवा भाव ने इस आयोजन को और भी गरिमामयी बना दिया।

कार्यक्रम का संचालन इंडियन योगिनी एसोसिएशन और आद्या कैशलम ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से हुआ। इंडियन योगिनी एसोसिएशन की अध्यक्ष आर. एच. लता के मार्गदर्शन में पूरी टीम ने जिस समर्पण और ऊर्जा के साथ इस आयोजन को साकार किया, वह काबिल-ए-तारीफ रहा। राज्य उपाध्यक्ष बिमला कुमारी, जिलाध्यक्ष सविता वावरे, कुसुम गुप्ता, नीतू सूखेगा और आरती सहित सभी सदस्यों ने मिलकर इस कार्यशाला को एक यादगार अनुभव बना दिया।

जब कार्यक्रम अपने अंतिम चरण में पहुंचा, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर एक संतोष भरी मुस्कान थी—मानो सभी ने अपने भीतर कुछ नया पाया हो। यह कार्यशाला केवल योग तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने, स्वस्थ रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश भी दिया। बैसाखी के इस पावन अवसर पर हुआ यह आयोजन एक नई शुरुआत का प्रतीक बन गया—जहां शरीर स्वस्थ हो, मन शांत हो और समाज सकारात्मकता की दिशा में आगे बढ़े।

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