राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 13 अप्रैल 2026
दिल्ली। DD न्यूज़ के वरिष्ठ एंकर अशोक श्रीवास्तव, जिन्होंने अपने 25 साल के करियर में कांग्रेस सरकार के दौरान 2005-06 में बेस्ट एंकर अवॉर्ड हासिल किया था, अब पूरी तरह से सत्ता के आगे घुटने टेक चुके हैं। कल उन्होंने लाइव प्रसारण में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ बेहद घटिया, अपमानजनक और बेहूदा भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें “सावरकर की चप्पलों की धूल” तक कह दिया। लेकिन अशोक श्रीवास्तव को यह बात शायद नहीं मालूम कि जिस वीर सावरकर की चप्पलों की धूल वे राहुल गांधी पर फेंक रहे हैं, वे खुद ब्रिटिश सरकार से हर महीने 60 रुपये की पेंशन लेने वाले इन्फॉर्मर थे, जिन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान ब्रिटिशों को भारतीय क्रांतिकारियों की जानकारी देने का काम किया था।
यह घटना एक बार फिर साफ़ कर रही है कि 2014 के बाद अशोक श्रीवास्तव का पूरा चरित्र बदल गया है। पहले जो एंकर निष्पक्षता का दावा करता था, आज वही व्यक्ति सत्ता की चापलूसी में इतना आगे निकल चुका है कि देश के सबसे बड़े विपक्षी नेता पर इस कदर व्यक्तिगत हमला करने से भी नहीं हिचकिचाता। DD न्यूज़ में अभी भी उन्हें ऊंची तनख्वाह दी जा रही है, जबकि सुदhir चौधरी जैसे अन्य एंकर उन्हें रेटिंग्स में पीछे छोड़ चुके हैं। शायद सरकार की प्रचार मशीनरी में उनका यह रोल अब भी उपयोगी समझा जा रहा है, जिसके कारण उन्हें मोटी सैलरी के साथ बरकरार रखा गया है।
अशोक श्रीवास्तव, आप एक सरकारी चैनल के कर्मचारी हैं, देश के टैक्सपेयर्स का पैसा लेते हैं, लेकिन आपकी भाषा और आचरण किसी प्रोफेशनल सीनियर एंकर के लिए बेहद शर्मनाक है। जिस इतिहास को आप तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं, उसे पूरा देश जानता है। सावरकर की सच्चाई छिपाने और राहुल गांधी पर बिना सोचे-समझे हमला करने से आपने सिर्फ अपनी हताशा, अपनी बिकाऊ पत्रकारिता और सत्ता के प्रति अपनी अंधभक्ति का प्रदर्शन किया है।
मीडिया का यह भयानक पतन, खासकर सरकारी मीडिया का यह गिरावट का दौर देश कभी माफ नहीं करेगा। अशोक श्रीवास्तव, आपकी यह चाटुकारिता, यह घटिया भाषा और यह सत्ता-परस्ती आज नहीं तो कल इतिहास के काले पन्नों में दर्ज होकर रहेगी। शर्म आती है ऐसे “वरिष्ठ” एंकर देखकर जो अपनी गरिमा बेचकर सत्ता की जूठन चाटने पर उतारू हो जाते हैं।




