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राष्ट्रपति भवन में ‘ग्रंथ कुटीर’ का उद्घाटन: भारतीय ज्ञान परंपरा को सहेजने की नई पहल

एबीसी नेशनल न्यूज 24 जनवरी 2026

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन परिसर में बने ‘ग्रंथ कुटीर’ का उद्घाटन किया। यह जगह खास तौर पर भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और साहित्यिक धरोहर को संजोने के मकसद से तैयार की गई है। यहां करीब 50 दुर्लभ पांडुलिपियां और लगभग 2,300 किताबें रखी गई हैं, जो देश की 11 शास्त्रीय भाषाओं में हैं।

राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, इस संग्रह में संस्कृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, ओड़िया, बांग्ला, असमिया, फारसी, उर्दू और प्राकृत जैसी भाषाओं की अहम रचनाएं शामिल हैं। इन ग्रंथों में भारतीय दर्शन, इतिहास, विज्ञान, साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़ा बहुमूल्य ज्ञान दर्ज है।

उद्घाटन के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ग्रंथ कुटीर आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा सदियों पुरानी है और इसे सुरक्षित रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

ग्रंथ कुटीर को इस तरह तैयार किया गया है कि शोधार्थी, विद्यार्थी और आम आगंतुक यहां आकर भारतीय शास्त्रीय साहित्य और दुर्लभ ग्रंथों से सीधे जुड़ सकें। अधिकारियों का कहना है कि आगे चलकर यहां डिजिटल आर्काइव और शोध से जुड़ी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी, ताकि यह स्थान ज्ञान और अध्ययन का एक अहम केंद्र बन सके।

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