Home » International » भारत और चीन पर 500% तक टैरिफ का खतरा? रूस पर प्रतिबंध बिल को ट्रंप की मंज़ूरी, वैश्विक व्यापार में बढ़ी हलचल
भारत और चीन पर 500% तक टैरिफ का खतरा

भारत और चीन पर 500% तक टैरिफ का खतरा? रूस पर प्रतिबंध बिल को ट्रंप की मंज़ूरी, वैश्विक व्यापार में बढ़ी हलचल

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

अंतरराष्ट्रीय डेस्क 8 जनवरी 2026

अमेरिकी राजनीति और वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर एक बार फिर बड़ा भूचाल आता दिख रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर कड़े प्रतिबंधों से जुड़े एक अहम बिल को मंज़ूरी दे दी है, जिसके बाद भारत और चीन जैसे देशों पर भारी टैरिफ लगाए जाने की आशंका गहराने लगी है। इस बिल के पारित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों और कूटनीतिक हलकों में यह सवाल तेज़ी से उठ रहा है कि क्या अमेरिका भारत और चीन पर 500 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगा सकता है। यह प्रतिबंध बिल उन देशों को निशाने पर ले सकता है, जो किसी न किसी रूप में रूस के साथ व्यापारिक या आर्थिक संबंध बनाए हुए हैं। खासतौर पर ऊर्जा, तेल और कच्चे माल के आयात को लेकर अमेरिका सख्त रुख अपनाने के संकेत दे रहा है। ऐसे में भारत और चीन, जो रूस से तेल और अन्य संसाधनों की खरीद जारी रखे हुए हैं, सीधे तौर पर इस फैसले के असर में आ सकते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सूत्रों के अनुसार, अमेरिका अब सिर्फ रूस पर प्रतिबंध लगाकर नहीं रुकेगा, बल्कि उन देशों पर भी आर्थिक दबाव बनाएगा जो अमेरिकी नीति के विपरीत जाकर रूस से व्यापार कर रहे हैं। प्रस्तावित टैरिफ इतना अधिक हो सकता है कि भारत और चीन से अमेरिका जाने वाले कई उत्पाद व्यावहारिक रूप से बाजार से बाहर हो जाएं। 500 प्रतिशत तक टैरिफ का मतलब यह होगा कि सामान की कीमतें कई गुना बढ़ जाएंगी, जिससे निर्यातकों को भारी नुकसान हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह के टैरिफ लागू होते हैं, तो इसका असर सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन भी बुरी तरह प्रभावित होगी। भारत के लिए यह स्थिति खास तौर पर चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि अमेरिका उसका एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है। फार्मा, आईटी, स्टील, टेक्सटाइल और ऑटो पार्ट्स जैसे सेक्टर सीधे दबाव में आ सकते हैं।

वहीं, चीन के साथ अमेरिका का व्यापारिक टकराव पहले से ही दुनिया के सामने है। ऐसे में रूस प्रतिबंधों की आड़ में चीन पर और कड़े आर्थिक वार करना ट्रंप की पुरानी रणनीति का ही विस्तार माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप इस सख्ती के जरिए “अमेरिका फर्स्ट” एजेंडे को एक बार फिर आक्रामक रूप में पेश करना चाहते हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भारत पर वास्तव में 500 प्रतिशत टैरिफ लागू होंगे या यह सिर्फ दबाव बनाने की रणनीति है। लेकिन इतना तय है कि ट्रंप द्वारा रूस प्रतिबंध बिल को हरी झंडी मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता और तनाव दोनों बढ़ गए हैं। आने वाले दिनों में भारत, चीन और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत इस संकट की दिशा तय करेगी।

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments