एबीसी डेस्क 19 दिसंबर 2025
नई दिल्ली। संसद में ‘जी राम जी’ (ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन) बिल के पारित होने के बाद विपक्ष ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में रातभर धरना दिया और सरकार पर आरोप लगाया कि यह बिल बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाज़ी में पास कराया गया।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह बिल मनरेगा की जगह लाने की कोशिश है और इससे ग्रामीण गरीबों, मज़दूरों और किसानों के हितों को नुकसान पहुंच सकता है। उनका आरोप है कि सरकार ने न तो उनकी आपत्तियों को सुना और न ही संसद में इस पर खुलकर बहस होने दी।
धरने के दौरान सांसद संसद परिसर में ज़मीन पर बैठे रहे, नारे लगाए और यह संदेश देने की कोशिश की कि ग्रामीण भारत से जुड़े कानून को चुपचाप पारित करना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। विपक्ष ने कहा कि ऐसे अहम बिल पर देश की जनता की आवाज़ सुनी जानी चाहिए थी।
वहीं सरकार का कहना है कि यह बिल ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने और ज्यादा दिनों तक काम की गारंटी देने के लिए लाया गया है। लेकिन विपक्ष इस दावे से सहमत नहीं है और उसे डर है कि ज़मीन पर इसका असर गरीबों के खिलाफ जा सकता है।
सरल शब्दों में कहें तो, मुद्दा सिर्फ एक बिल का नहीं है, बल्कि यह सवाल है कि क्या संसद में जनता से जुड़े फैसले बिना पूरी चर्चा के लिए जा सकते हैं या नहीं—इसी सवाल को लेकर विपक्ष ने पूरी रात विरोध दर्ज कराया।






