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बिहार में निवेश और सुरक्षा को नई मजबूती: CISF की तर्ज पर बनेगी BISF : नीतीश कुमार

समी अहमद। पटना 7 दिसंबर 2025

बिहार सरकार ने राज्य की औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदलने वाला एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में सरकार ने घोषणा की है कि CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) की तर्ज पर अब राज्य में BISF—बिहार इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स का गठन किया जाएगा। यह फैसला न केवल बिहार में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि राज्य में निवेश के माहौल को बेहतर बनाने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से निवेशक बिहार में औद्योगिक सुरक्षा और संरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे, और सरकार का यह निर्णय उन चिंताओं को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

नीतीश सरकार का कहना है कि BISF का प्राथमिक उद्देश्य राज्य में स्थापित और प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों, आर्थिक ज़ोन, बड़े निवेश प्रोजेक्ट, ऊर्जा संयंत्रों और महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा। अभी तक बिहार को ऐसी विशेष सुरक्षा इकाई का अभाव था, जिसके कारण कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ निवेश को लेकर संशय में रहती थीं। लेकिन अब BISF के आने से उद्योगपतियों को एक भरोसेमंद, पेशेवर और प्रशिक्षित सुरक्षा तंत्र मिलेगा, जो राज्य में औद्योगिक विकास की राह को और आसान और सुरक्षित बनाएगा।

नीतीश सरकार की इस पहल को “निवेशकों के लिए खुशखबरी” इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि बीते कुछ वर्षों में बिहार ने तेजी से निवेश आकर्षित करने की कोशिशें की हैं, लेकिन सुरक्षा ढांचे को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। BISF की स्थापना से न केवल उद्योगों को भौतिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि निवेश करने वाली कंपनियों को यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि बिहार अब वृहद और सुरक्षित औद्योगिक माहौल के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार का दावा है कि इससे न केवल बड़े उद्योग बल्कि MSME सेक्टर भी सुरक्षित वातावरण में फल-फूल सकेगा।

इस फोर्स के लिए जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो आधुनिक सुरक्षा तकनीकों, निगरानी प्रणालियों, आपदा प्रबंधन, औद्योगिक हादसों से बचाव और संवेदनशील परिसरों की सुरक्षा में पूरी तरह दक्ष होंगे। सरकार राज्य के युवाओं के लिए इसे एक बड़ा रोज़गार अवसर भी मान रही है। हजारों नौजवानों को BISF में भर्ती होने का मौका मिलेगा, जिससे सुरक्षा तंत्र मजबूत होने के साथ-साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इसके गठन के लिए विस्तृत प्रस्ताव पर गृह विभाग एवं औद्योगिक विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।

विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बिहार की अर्थव्यवस्था में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। नई औद्योगिक नीति को गति देने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और विदेशी निवेश आकर्षित करने में BISF जैसी स्पेशलाइज्ड फोर्स का गठन मील का पत्थर होगा। इससे आने वाले वर्षों में बिहार देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों की सूची में शामिल हो सकता है, विशेषकर उस दौर में जब देश के अन्य राज्य भी तेजी से औद्योगिक सुरक्षा विकसित कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, नीतीश सरकार का BISF गठन का निर्णय बिहार को सुरक्षा, निवेश और विकास—तीनों मोर्चों पर नई ताकत देने वाला कदम है। राज्य के निवेशकों, उद्योगपतियों और आम जनता के लिए यह संकेत है कि बिहार अब सिर्फ संभावनाओं का प्रदेश नहीं, बल्कि सुरक्षित और स्थिर औद्योगिक भविष्य की ओर तेजी से बढ़ता हुआ राज्य बन रहा है।

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