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टी20 वर्ल्ड कप पर पाकिस्तान का ‘ड्रामेटिक’ रुख, लेकिन खेलना लगभग तय

एबीसी नेशनल न्यूज | 1 फरवरी 2026

मुंबई। 2026 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर पाकिस्तान ने बीते कुछ दिनों में ऐसा रुख अपनाया, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। कभी संकेत दिए गए कि पाकिस्तान सख्त फैसला ले सकता है, तो कभी बातचीत और लचीलेपन की बात सामने आई। इसी वजह से क्रिकेट फैंस और जानकारों के बीच लगातार यह सवाल घूमता रहा कि आखिर पाकिस्तान खेलेगा या नहीं। हालांकि, अब उपलब्ध तथ्यों और अंदरूनी तैयारियों को देखें तो तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है और संकेत यही हैं कि पाकिस्तान का टूर्नामेंट में हिस्सा लेना लगभग तय है।

दरअसल, 2026 टी20 वर्ल्ड कप की मेज़बानी भारत और श्रीलंका मिलकर कर रहे हैं। भारत-पाकिस्तान संबंधों को देखते हुए पहले से ही यह तय किया गया था कि दोनों देशों के मैच न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे। इसी हाइब्रिड मॉडल के तहत पाकिस्तान के सभी मुकाबले श्रीलंका में रखे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ग्रुप स्टेज से लेकर नॉकआउट तक पाकिस्तान के मैच कोलंबो में होने हैं और भारत-पाकिस्तान मुकाबला भी वहीं खेला जाएगा। यह व्यवस्था पहले भी बड़े टूर्नामेंटों में अपनाई जा चुकी है, इसलिए इसे कोई नई बात नहीं माना जा रहा।

इसके बावजूद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कुछ दिनों तक सस्पेंस बनाए रखा। कभी बयानों में “सिद्धांतों” की बात की गई, तो कभी यह कहा गया कि अंतिम फैसला सरकार से सलाह के बाद होगा। इसी बीच कुछ पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बयान भी सामने आए, जिनमें बॉयकॉट जैसी बातें कही गईं। इन सब कारणों से माहौल ऐसा बना कि मानो पाकिस्तान कोई बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाने वाला है।

लेकिन अंदरूनी तैयारियों ने इस सस्पेंस की पोल खोल दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी टीम के श्रीलंका रवाना होने की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और यात्रा कार्यक्रम भी लगभग तय है। बोर्ड के भीतर यह समझ साफ बताई जा रही है कि टूर्नामेंट से हटने का मतलब न सिर्फ भारी आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि ICC के साथ संबंधों पर भी असर पड़ेगा। भारत-पाकिस्तान मैच की व्यावसायिक अहमियत इतनी ज़्यादा है कि उसे छोड़ना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए किसी भी हाल में फायदेमंद नहीं माना जा रहा।

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान का यह पूरा रुख असल में राजनीतिक दबाव, घरेलू संदेश और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात रखने की कोशिश का मिला-जुला रूप था। ज़मीन पर हकीकत यह है कि हाइब्रिड मॉडल पहले से तय है, वेन्यू तय हैं और टूर्नामेंट का शेड्यूल भी लगभग फाइनल है। ऐसे में आख़िरी वक्त पर पीछे हटना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए मुश्किल होता।

कुल मिलाकर, 2026 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर पाकिस्तान का फैसला बाहर से भले ही “चौंकाने वाला” और नाटकीय दिखा हो, लेकिन हकीकत में उसकी भागीदारी लगभग तय मानी जा रही है। क्रिकेट फैंस के लिए यह राहत की खबर है कि तमाम राजनीतिक खींचतान के बावजूद मैदान पर मुकाबले होंगे और टूर्नामेंट अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ेगा। अब सभी की निगाहें सिर्फ आधिकारिक घोषणा और पहले मैच पर टिकी हैं।

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