दुनिया | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 27 जून 2026
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने बहुचर्चित भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए देश की सर्वोच्च विधायी संस्था नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) से छह सैन्य सांसदों सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को हटा दिया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, हटाए गए अधिकारियों में पूर्व वित्तीय नियामक प्रमुख ली युन्ज़े और हाल ही में जांच के दायरे में आए पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई भी शामिल हैं।
नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति द्वारा जारी अधिसूचना में इन नेताओं को पद से हटाने की जानकारी दी गई, हालांकि आधिकारिक तौर पर हटाने के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया। चीन के रक्षा मंत्रालय ने भी इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
हटाए गए सैन्य सांसदों में जनरल शू श्वेचियांग प्रमुख हैं, जो केंद्रीय सैन्य आयोग (Central Military Commission) के Equipment Development Department के प्रमुख थे। यह विभाग पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के लिए हथियारों और सैन्य उपकरणों के विकास, खरीद और परीक्षण की जिम्मेदारी संभालता है। जनरल शू वर्ष 2022 से चीन के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम (Manned Space Programme) के कमांडर-इन-चीफ भी थे।
इसके अलावा जनरल ली फेंगबियाओ, जो PLA के वेस्टर्न थिएटर कमांड के राजनीतिक आयुक्त थे, जनरल गुओ पुक्सियाओ, जो वायुसेना के राजनीतिक आयुक्त रहे, ईस्टर्न थिएटर कमांड के वांग कांगपिंग, साइबरस्पेस फोर्स के झांग मिंगहुआ और सेना के वरिष्ठ अधिकारी यिन होंगशिंग को भी सांसद पद से हटा दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है, जो पिछले कई वर्षों से लगातार चल रहा है। इस अभियान के दौरान चीन की सेना, कम्युनिस्ट पार्टी और सरकारी संस्थानों के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनरल और शीर्ष नेता जांच, पदच्युत होने या अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर चुके हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, यह अभियान केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं बल्कि सेना और सत्ता प्रतिष्ठान पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पकड़ को और मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देखा जाता है। चीन में रक्षा क्षेत्र और सैन्य खरीद प्रणाली लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोपों के केंद्र में रही है, जिसके बाद हाल के वर्षों में कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
फिलहाल चीनी सरकार ने इन अधिकारियों पर लगे आरोपों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है। लेकिन लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान अभी भी पूरी गति से जारी है और सत्ता के सबसे ऊंचे स्तर तक इसकी पहुंच बनी हुई है।




