बिजनेस | ABC NATIONAL NEWS | हांगकांग/पेरिस | 27 जून 2026
चीन की प्रमुख एयरलाइन चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस से 25 अत्याधुनिक A330neo वाइडबॉडी विमानों की खरीद का ऐलान किया है। इस सौदे की सूची कीमत (List Price) लगभग 9.35 अरब डॉलर (करीब ₹80 हजार करोड़) बताई गई है, हालांकि एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक खरीद मूल्य इससे काफी कम होगा क्योंकि बड़े ऑर्डर पर विशेष छूट दी गई है।
एयरलाइन के अनुसार, इन विमानों की डिलीवरी 2029 से 2033 के बीच चरणबद्ध तरीके से होगी। यह समझौता शंघाई में दोनों कंपनियों के बीच हस्ताक्षरित हुआ।
चाइना ईस्टर्न ने बताया कि नए A330neo विमान मुख्य रूप से शंघाई पुडोंग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंबी दूरी (Long-haul) की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। कंपनी का लक्ष्य नए इंटरकॉन्टिनेंटल रूट शुरू करना और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ाना है, ताकि शंघाई को एशिया के प्रमुख वैश्विक ट्रांजिट हब के रूप में और मजबूत बनाया जा सके।
यह सौदा ऐसे समय हुआ है जब चीन की एयरलाइंस महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार पर फिर से तेजी से निवेश कर रही हैं। इसी वर्ष मार्च में चाइना ईस्टर्न ने एयरबस से 101 A320neo विमानों की खरीद के लिए भी लगभग 15.8 अरब डॉलर का अलग समझौता किया था।
एयरबस के लिए भी यह सौदा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े विमानन बाजार चीन में कंपनी अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। एयरबस का अनुमान है कि अगले दो दशकों में चीन में हवाई यात्रियों की संख्या औसतन 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से बढ़ेगी।
नया A330neo एयरबस के लोकप्रिय A330 विमान का अधिक ईंधन-कुशल और आधुनिक संस्करण है। इसमें बेहतर एयरोडायनामिक्स, नई पीढ़ी के पंख और रोल्स-रॉयस Trent 7000 इंजन लगाए गए हैं, जिससे ईंधन की खपत कम होती है और लंबी दूरी की उड़ानों का परिचालन अधिक किफायती बनता है।
चाइना ईस्टर्न ने यह भी बताया कि नए विमानों के आने के दौरान उसकी पुरानी पीढ़ी के कम से कम 10 A330 विमान सेवा से हटा दिए जाएंगे। यानी यह सौदा केवल बेड़े के विस्तार के लिए नहीं, बल्कि पुराने विमानों के आधुनिकीकरण की रणनीति का भी हिस्सा है।
कंपनी इस खरीद के लिए अपनी पूंजी, बैंक ऋण, बॉन्ड जारी करने और अन्य वित्तीय साधनों का उपयोग करेगी। एयरलाइन का कहना है कि चरणबद्ध भुगतान व्यवस्था के कारण इस निवेश का उसके नकदी प्रवाह या दैनिक संचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा वैश्विक विमानन क्षेत्र में चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षा और अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, यह एयरबस के लिए भी चीन के विशाल विमानन बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने वाला समझौता माना जा रहा है।




