राजनीति / पश्चिम बंगाल | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 23 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान एक बार फिर हिंसा की तस्वीरें सामने आईं, जिसने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। राज्य के कई इलाकों से झड़प, पथराव और उम्मीदवारों पर हमले की खबरें आईं। सबसे ज्यादा चर्चा उस घटना की रही, जिसमें बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु को कथित तौर पर कुछ लोगों ने घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि वह एक मतदान केंद्र की ओर जा रहे थे, तभी अचानक भीड़ ने उनका पीछा किया और उन्हें दौड़ाकर पीटा। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। टीएमसी उम्मीदवारों पर भी हमले की खबर आई है
मुर्शिदाबाद और आसपास के संवेदनशील इलाकों से भी हिंसा की खबरें सामने आईं। यहां अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें जमकर पथराव किया गया। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मतदान को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को काबू में लाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए। कुछ इलाकों में बमबाजी जैसी घटनाओं की भी सूचना मिली, जिससे आम मतदाता के बीच डर का माहौल बन गया।
एक अन्य घटना में नेता हुमायूं कबीर के दौरे के दौरान भी माहौल अचानक गरमा गया। जैसे ही वे इलाके में पहुंचे, विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और देखते ही देखते मामला पथराव तक पहुंच गया। उनकी गाड़ी को निशाना बनाए जाने की भी खबर है। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया कि चुनावी मुकाबला सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि जमीन पर भी बेहद तनावपूर्ण हो चुका है।
इन घटनाओं के बावजूद मतदान प्रक्रिया पूरी तरह थमी नहीं। बड़ी संख्या में मतदाता घरों से निकलकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे और लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लिया। कई इलाकों में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं, हालांकि हिंसा की खबरों ने कुछ जगहों पर मतदान की रफ्तार जरूर धीमी कर दी। चुनाव आयोग ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी है और संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर बार सामने आने वाली ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पहले चरण में जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे संकेत दे रही हैं कि आने वाले चरणों में प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती रहने वाली है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, लेकिन आम मतदाता अब सिर्फ शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कर रहा है।




