अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 3 जून 2026
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव तथा परमाणु वार्ता के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। रुबियो ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई जीवित हैं और धीरे-धीरे शासन तथा नीतिगत मामलों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हाल के महीनों में उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने पहली बार स्पष्ट संकेत दिया है कि वे न केवल जीवित हैं बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी भाग ले रहे हैं।
अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति (Senate Foreign Relations Committee) के समक्ष गवाही देते हुए रुबियो ने कहा कि उपलब्ध संकेतों से पता चलता है कि मोजतबा खामेनेई विभिन्न स्तरों पर सक्रिय रूप से जुड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब भी ईरान के साथ किसी समझौते की संभावना देख रहा है, लेकिन इसके लिए तेहरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर गंभीर और ठोस प्रतिबंध स्वीकार करने होंगे।
रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और अमेरिका, इज़राइल तथा ईरान के बीच हालिया सैन्य घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिकी-इज़राइली हमलों में मोजतबा खामेनेई घायल हुए थे, जिसके बाद से वे सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए। इसी वजह से उनकी स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज थीं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि यदि ईरान प्रतिबंधों में राहत चाहता है तो उसे अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना होगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह भरोसा दिलाना होगा कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। उन्होंने कहा कि अमेरिका कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर ईरान लगातार यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम नहीं कर रहा। हालांकि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को आशंका है कि ईरान की परमाणु क्षमताएं भविष्य में सैन्य उपयोग के लिए विकसित की जा सकती हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि रुबियो का बयान केवल मोजतबा खामेनेई की स्थिति स्पष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि वाशिंगटन अभी भी वार्ता का रास्ता खुला रखना चाहता है। अमेरिकी प्रशासन एक ओर दबाव की नीति जारी रखे हुए है, वहीं दूसरी ओर वह कूटनीतिक समझौते की संभावना भी तलाश रहा है।
इस बीच पश्चिम एशिया में संघर्ष, तेल बाजार की अस्थिरता और परमाणु वार्ता की अनिश्चितता ने वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं। निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।
मार्को रुबियो के बयान ने फिलहाल यह स्पष्ट कर दिया है कि मोजतबा खामेनेई को लेकर फैल रही अटकलों के बीच अमेरिकी प्रशासन उन्हें सक्रिय नेतृत्वकर्ता के रूप में देख रहा है। साथ ही अमेरिका ने एक बार फिर दोहराया है कि प्रतिबंधों में राहत और बेहतर संबंधों का रास्ता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ठोस नियंत्रण से होकर गुजरता है।




