अंतरराष्ट्रीय / अमेरिका | ABC NATIONAL NEWS | 23 मई 2026
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (Director of National Intelligence) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देकर अमेरिकी राजनीति और सुरक्षा तंत्र में नई हलचल पैदा कर दी है। गबार्ड का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब अमेरिका ईरान युद्ध, चीन-ताइवान तनाव और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच घिरा हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तुलसी गबार्ड ने अपने इस्तीफे के पीछे पारिवारिक कारणों और निजी परिस्थितियों का हवाला दिया है। बताया जा रहा है कि उनके पति की गंभीर बीमारी के चलते वह परिवार को अधिक समय देना चाहती हैं। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस इस्तीफे को केवल निजी फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे ट्रंप प्रशासन के भीतर बढ़ते मतभेदों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, हाल के महीनों में ईरान युद्ध, मध्य-पूर्व नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को लेकर तुलसी गबार्ड और व्हाइट हाउस के बीच कई मुद्दों पर असहमति सामने आई थी। खासतौर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गबार्ड के आकलन और ट्रंप प्रशासन की आक्रामक रणनीति में अंतर की चर्चा अमेरिकी मीडिया में लगातार होती रही।
सूत्रों के अनुसार, गबार्ड ने कुछ बैठकों में यह राय दी थी कि ईरान तत्काल परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं है, जबकि ट्रंप प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बता रहे थे। इसके बाद से उनके प्रभाव में कमी आने और कई अहम फैसलों से दूरी बनाए जाने की खबरें भी सामने आई थीं।
तुलसी गबार्ड ने अपने आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद करते हुए कहा कि अमेरिकी खुफिया तंत्र का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने कहा कि वह देश की सेवा जारी रखेंगी, लेकिन इस समय परिवार उनकी प्राथमिकता है।
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से गबार्ड की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में “महत्वपूर्ण योगदान” दिया। हालांकि अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गबार्ड का इस्तीफा ट्रंप प्रशासन के भीतर रणनीतिक मतभेदों और सत्ता संतुलन में बदलाव का संकेत हो सकता है।
तुलसी गबार्ड पहले भी अमेरिकी राजनीति में एक अलग पहचान रखती रही हैं। डेमोक्रेटिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने कई मुद्दों पर पारंपरिक अमेरिकी विदेश नीति का विरोध किया था। बाद में ट्रंप प्रशासन के साथ उनका जुड़ाव अमेरिकी राजनीति में काफी चर्चित रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में राष्ट्रीय खुफिया प्रमुख का इस्तीफा अमेरिकी सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ा घटनाक्रम माना जाएगा। खासकर तब, जब अमेरिका एक साथ ईरान, चीन, रूस और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की जटिल चुनौतियों का सामना कर रहा हो।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप प्रशासन राष्ट्रीय खुफिया विभाग की कमान किसे सौंपता है और क्या यह बदलाव अमेरिका की विदेश और सुरक्षा नीति में किसी नए संकेत की शुरुआत करेगा।




