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ईरान पर अमेरिकी हमले तेज, 90 मिनट तक बरसे बम; होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव चरम पर

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 15 जुलाई 2026

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक और बड़े हवाई अभियान को अंजाम दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, करीब 90 मिनट तक चले हवाई हमलों में होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित ग्रेटर तुन्ब द्वीप सहित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमजोर करना था, जिसका इस्तेमाल वह होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के लिए कर रहा था।

ईरानी सेना के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी शहर इरानशहर के पास स्थित एक सैन्य बैरक पर अमेरिकी मिसाइल हमले में सात सैनिकों की मौत हो गई। वहीं, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हाल के अमेरिकी हवाई हमलों में 35 से अधिक लोगों की जान गई है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें से कम से कम 72 लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।

इस बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। बहरीन और कुवैत ने दावा किया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया। बहरीन में सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं लौटता, तो अगले सप्ताह अमेरिकी हमले और व्यापक होंगे। उन्होंने कहा कि अगला निशाना ईरान के बिजली संयंत्र और प्रमुख पुल हो सकते हैं। हालांकि, ट्रंप ने इससे पहले होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारी कर लगाने की अपनी धमकी वापस ले ली है।

उधर, ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी का कड़ा विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उस पर दबाव जारी रहा, तो वह पश्चिम एशिया से ऊर्जा निर्यात को पूरी तरह रोकने जैसे कदम उठा सकता है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि यदि क्षेत्र के तेल और गैस निर्यात पर रोक लगाने की कोशिश हुई, तो किसी भी देश के लिए ऊर्जा आपूर्ति सामान्य नहीं रहने दी जाएगी।

तनाव के बीच भारत के लिए भी चिंता बढ़ गई है। ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में लापता भारतीय नाविक हेरंब करमरकर का शव बरामद कर लिया गया है। भारतीय दूतावास ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

लगातार बढ़ते सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण होरमुज जलडमरूमध्य में वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति पर संकट गहराने लगा है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस का समुद्री व्यापार इसी मार्ग से होता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

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