[the_ad id="179"]
Home » Blog » पेपर लीक और CJP प्रदर्शन पर संसद में फिर हंगामा, छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित

पेपर लीक और CJP प्रदर्शन पर संसद में फिर हंगामा, छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026

संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी पेपर लीक, NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और दिल्ली में CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा संसद पर छाया रहा। विपक्ष ने दोनों सदनों में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गई। शोर-शराबे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यवाही शुरू होते ही सोमवार को दिल्ली में CJP के नेतृत्व में निकाले गए संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और NEET परीक्षा के मुद्दे पर आवाज उठा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और कई छात्र घायल होकर अस्पताल पहुंचे। खड़गे ने कहा कि छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए और इस पूरे घटनाक्रम पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए। उनके बोलना शुरू करते ही सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और भारी हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में भी लगभग यही स्थिति देखने को मिली। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। लगातार नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदस्यों को प्रश्नकाल के बाद अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, लेकिन हंगामा नहीं थमने पर सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में दोपहर 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का विरोध और नारेबाजी जारी रही।

इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद कहा कि संसद में छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता और परीक्षा संकट में सरकार की जवाबदेही पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को दबने नहीं देगा और छात्रों की आवाज सड़क से लेकर संसद तक उठाई जाएगी।

उधर संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में एनडीए संसदीय दल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि सरकार ने NEET पेपर लीक के सामने आते ही तत्काल कार्रवाई की थी और छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए शीघ्र पुनर्परीक्षा कराई गई तथा समय पर परिणाम भी घोषित किए गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दोषियों को कड़ी सजा देने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी तरह मजबूत व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने नियम 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देते हुए आरोप लगाया कि सोमवार को संसद परिसर के कई प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे और इंटरनेट सेवाएं भी बाधित रहीं, जिससे सांसद प्रदर्शन कर रहे लोगों से नहीं मिल सके। उन्होंने इसे अभूतपूर्व स्थिति बताया और पूरे मामले पर चर्चा की मांग की।

इस बीच संसद के भीतर राजनीतिक टकराव जारी रहने के साथ सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में भी है। राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किए जाने की संभावना है, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ को वैधानिक संरक्षण देने का प्रस्ताव है। वहीं लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार और पारित कराने का कार्यक्रम निर्धारित है।

संसद के बाहर CJP और छात्र संगठनों का आंदोलन जारी है। विपक्ष जहां छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में संकेत हैं कि पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलन का मुद्दा मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी संसद के भीतर प्रमुख राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *