अंतरराष्ट्रीय / पर्यावरण / मौसम | ABC NATIONAL NEWS | जिनेवा | 3 जून 2026
संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया को आने वाले महीनों में संभावित मौसमीय आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने कहा है कि एल नीनो (El Niño) मौसमीय प्रणाली के विकसित होने की संभावना तेजी से बढ़ रही है, जिससे दुनिया के कई हिस्सों में सूखा, बाढ़, भीषण गर्मी, जंगलों में आग और शक्तिशाली तूफानों का खतरा बढ़ सकता है।WMO के अनुसार जून से अगस्त के बीच एल नीनो बनने की संभावना 80 प्रतिशत है, जबकि नवंबर तक इसके पूरी तरह विकसित होने की संभावना 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे “तत्काल जलवायु चेतावनी” बताते हुए कहा कि दुनिया को इसके प्रभावों के लिए अभी से तैयारी करनी चाहिए।
गुटेरेस ने चेतावनी दी कि एल नीनो के प्रभाव पहले की तुलना में अधिक व्यापक और विनाशकारी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मौसमीय बदलाव पहले से गर्म हो रही पृथ्वी की स्थिति को और गंभीर बना सकता है तथा सीमाओं को पार करते हुए करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार एल नीनो के कारण दक्षिण अमेरिका और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा हो सकती है, जबकि ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मध्य अमेरिका और दक्षिण एशिया के कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा प्रशांत महासागर में चक्रवातों और तूफानों की संख्या तथा तीव्रता बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।
संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि भीषण गर्मी के कारण मच्छरों और अन्य वाहकों से फैलने वाली बीमारियों में वृद्धि हो सकती है। खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होने और जल संसाधनों पर दबाव बढ़ने से खाद्य और पानी का संकट भी गहरा सकता है। पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे देशों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ने की आशंका है।
जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि एल नीनो के कारण इस वर्ष जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। इसी खतरे को देखते हुए यूरोपीय संघ ने साइप्रस, ग्रीस, इटली, फ्रांस, स्पेन और पुर्तगाल जैसे उच्च जोखिम वाले देशों में रिकॉर्ड संख्या में अग्निशमन कर्मियों और विमानों की तैनाती की तैयारी शुरू कर दी है।
WMO ने याद दिलाया कि वर्ष 2023-24 का शक्तिशाली एल नीनो वैश्विक तापमान बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल था और उसके प्रभावों ने 2024 को रिकॉर्ड पर सबसे गर्म वर्ष बना दिया था। अब नई चेतावनी से संकेत मिल रहे हैं कि 2026 में भी दुनिया को चरम मौसम की गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एल नीनो के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित होने से खाद्य पदार्थों की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे समय में जब दुनिया पहले से ही ऊर्जा और महंगाई के दबाव से जूझ रही है, यह नया जलवायु संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकता है।




