[the_ad id="179"]
Home » Delhi / NCR » टीवी चैनलों को ‘राष्ट्रविरोधी सोच’ और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने से बचने की सलाह

टीवी चैनलों को ‘राष्ट्रविरोधी सोच’ और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने से बचने की सलाह

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की एडवाइजरी जारी; भड़काऊ टिप्पणियों पर सुधारात्मक कार्रवाई और एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर

ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 21 अक्टूबर 2026

केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को टेलीविजन समाचार चैनलों को सलाह दी कि उनके कार्यक्रम सांप्रदायिक वैमनस्य या ‘राष्ट्रविरोधी सोच’ को बढ़ावा देने वाले नहीं होने चाहिए। मंत्रालय ने चैनलों से कहा है कि वे आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियों के खिलाफ उचित सुधारात्मक कार्रवाई करें तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल सुनिश्चित करें।

मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी में केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम और केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों के तहत निर्धारित कार्यक्रम संहिता का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया गया है।

कार्यक्रम संहिता के पालन की हिदायत

मंत्रालय ने समाचार चैनलों को उनके प्रसारण की सामग्री को लेकर निर्धारित नियमों का पालन करने की याद दिलाई है। कार्यक्रम संहिता का उद्देश्य टेलीविजन पर प्रसारित होने वाली सामग्री के लिए नियम तय करना है, ताकि प्रसारण के दौरान कानूनी और नियामकीय मानकों का पालन हो।

एडवाइजरी में विशेष रूप से सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली सामग्री और राष्ट्रविरोधी रवैये को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों से बचने की बात कही गई है।

भड़काऊ टिप्पणियों पर कार्रवाई की सलाह

मंत्रालय ने चैनलों से कहा है कि यदि किसी कार्यक्रम में अपमानजनक या भड़काऊ टिप्पणियां की जाती हैं, तो उनके खिलाफ सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। इसका उद्देश्य प्रसारण के दौरान ऐसी सामग्री के प्रभाव को लेकर जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है।

एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर

एडवाइजरी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल का मुद्दा भी शामिल है। समाचार प्रसारण में एआई आधारित तकनीकों के बढ़ते उपयोग के बीच मंत्रालय ने चैनलों को इस तकनीक का इस्तेमाल सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करने की सलाह दी है।

समाचार प्रसारण की जवाबदेही पर जोर

मंत्रालय की यह एडवाइजरी ऐसे समय आई है, जब टेलीविजन समाचारों की भाषा, प्रस्तुति और डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल को लेकर बहस जारी है। एडवाइजरी में कार्यक्रम संहिता का पालन करने, भड़काऊ टिप्पणियों पर कार्रवाई करने और एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर चैनलों की जिम्मेदारी पर जोर दिया गया है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में एडवाइजरी के उल्लंघन पर किसी नई सजा या अतिरिक्त दंडात्मक व्यवस्था की घोषणा का उल्लेख नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *