Home » International » ईरान युद्ध में बढ़ती महिला सैनिकों की शहादत, मेमोरियल डे पर अमेरिका में भावुक माहौल

ईरान युद्ध में बढ़ती महिला सैनिकों की शहादत, मेमोरियल डे पर अमेरिका में भावुक माहौल

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 25 मई 2026

ईरान युद्ध के लगातार बदलते स्वरूप के बीच अमेरिकी सेना में महिला सैनिकों की बढ़ती शहादत ने पूरे अमेरिका को भावुक कर दिया है। मेमोरियल डे से ठीक पहले सामने आई रिपोर्टों में उन परिवारों की दर्दभरी कहानियां सामने आई हैं, जिन्होंने युद्ध में अपनी बेटियों, पत्नियों और माताओं को खो दिया।

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान संघर्ष के दौरान अब पहले की तुलना में अधिक महिला सैनिक अग्रिम मोर्चों पर तैनात हैं और कई ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। रिपोर्ट में अमेरिकी वायुसेना अधिकारी एशले प्रुइट जैसी सैनिकों की कहानियों का जिक्र किया गया है, जिनकी शहादत के बाद उनके परिवार गहरे सदमे और खालीपन से गुजर रहे हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि युद्ध अब केवल पुरुष सैनिकों तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक सैन्य अभियानों में महिलाएं ड्रोन ऑपरेशन, इंटेलिजेंस, एयर सपोर्ट, साइबर सुरक्षा और फ्रंटलाइन मिशनों में भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में उनकी शहादत का असर केवल सेना पर नहीं बल्कि हजारों परिवारों की सामाजिक और भावनात्मक जिंदगी पर भी पड़ रहा है।

अमेरिका में मेमोरियल डे के मौके पर कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को याद करते हुए कहा कि युद्ध की कीमत सिर्फ सैनिक नहीं बल्कि पूरे परिवार चुकाते हैं। कई छोटे बच्चों को अब अपनी मां के बिना बड़ा होना पड़ रहा है, जबकि कई पति अपनी जीवनसाथी को खोने के दर्द से गुजर रहे हैं।

इस बीच ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका में राजनीतिक बहस भी तेज होती जा रही है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कई लोग इस संघर्ष को “अनावश्यक और लंबा युद्ध” बता रहे हैं। आलोचकों का आरोप है कि लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने अमेरिकी परिवारों को भारी मानवीय कीमत चुकाने पर मजबूर कर दिया है।

ALSO READ  ईरानी सभ्यता को एक रात में समाप्त करने की धमकी के बाद ट्रंप ने 14 दिन के सीज फायर की घोषणा की

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्धों में महिलाओं की भूमिका जितनी बढ़ी है, उतनी ही उनकी शहादत भी राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनती जा रही है। पहले जहां युद्ध की कहानियां मुख्य रूप से पुरुष सैनिकों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहती थीं, वहीं अब “मां, पत्नी और सैनिक” की पहचान एक साथ सामने आ रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ईरान संघर्ष में बढ़ती जनहानि और सैनिकों की मौतें आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति और चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल मेमोरियल डे पर पूरा अमेरिका उन सैनिकों को याद कर रहा है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *