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CBSE विवाद पर राहुल गांधी का हमला, बोले- “सवाल पूछने वाले युवाओं से डरती है सरकार”

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 25 मई 2026

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CBSE परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और छात्रों की शिकायतों को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि “मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धोखाधड़ी का प्रतीक बना दिया है।”

राहुल गांधी ने कहा कि दशकों में पहली बार CBSE बोर्ड परीक्षा को लेकर इतने गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि 18.5 लाख छात्रों द्वारा परीक्षा देने के बाद पिछले एक सप्ताह से OSM, गलत मार्किंग और कॉपियों की जांच में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री अब तक चुप हैं।

कांग्रेस सांसद ने एक 17 वर्षीय छात्र का जिक्र करते हुए कहा कि गलत मूल्यांकन से परेशान छात्र न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया, लेकिन उसकी मदद करने के बजाय उसे “Anti-National”, “Soros का एजेंट” और “Deep State” का हिस्सा बताया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि “जो युवा अपने भविष्य के लिए आवाज उठाता है, सरकार उसे देशद्रोही बना देती है।”

उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार “युवाओं और Gen-Z से डरती है”, क्योंकि अब नई पीढ़ी सवाल पूछ रही है। राहुल गांधी ने लिखा कि “जो सवाल पूछे, उसे यह सरकार बदनाम करती है, डराती है और कुचलती है।” उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि “यही युवा और यही Gen-Z अहंकार तोड़ेगी।”

इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता आलोक शर्मा ने भी सरकार और संघ परिवार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा संस्थानों पर नियंत्रण, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही हैं। उन्होंने UPSC, SSC और NEET जैसी परीक्षाओं का भी जिक्र किया।

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वहीं बीजेपी की ओर से अभी तक राहुल गांधी के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे छात्रों की आवाज बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष कांग्रेस पर शिक्षा मुद्दों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET, भर्ती परीक्षाओं और अब CBSE विवाद जैसे मुद्दे आने वाले समय में युवाओं की राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकते हैं। खासकर सोशल मीडिया पर Gen-Z की बढ़ती सक्रियता ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है।

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