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सोना मोहपात्रा की आवाज का जादू: Vaari Vaari ने फिर जगाई ‘Jiya Lage Na’ वाली कसक

मनोरंजन/ बॉलीवुड | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 3 अक्टूबर 2026

कुछ आवाजें सिर्फ गाने सुनाती हैं, कुछ आवाजें सीधे दिल के किसी ऐसे कोने में पहुंच जाती हैं, जहां शब्दों से ज्यादा एहसास रहते हैं। सोना मोहपात्रा की आवाज भी कुछ ऐसी ही है। उनकी गायकी में एक साथ ठहराव भी है, बेचैनी भी, नजाकत भी और एक ऐसी आधुनिक ऊर्जा भी, जो भारतीय संगीत की मिट्टी से निकलकर आज की धड़कन के साथ कदम मिलाती है। इन दिनों उनका नया गीत ‘Vaari Vaari’ चर्चा में है और इसकी सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ एक नया गाना नहीं लगता, बल्कि सोना की उस संगीत-यात्रा की अगली कड़ी महसूस होता है, जिसकी एक यादगार झलक वर्षों पहले Talaash के गीत ‘Jiya Lage Na’ में सुनाई दी थी। दोनों गानों के बीच सालों का फासला है, संगीत की बनावट अलग है और दौर भी बदल चुका है, लेकिन दोनों में एक साझा एहसास मौजूद है—इंतजार, चाहत और उस अधूरी-सी कसक का संगीत, जिसे सोना अपनी आवाज से बेहद खूबसूरती से जीवंत कर देती हैं।

सोना ने अपने सोशल मीडिया नोट में खुद इन दोनों गीतों के बीच के इस रिश्ते को महसूस किया है। उनके मुताबिक Jiya Lage Na और Vaari Vaari दोनों उस भावभूमि में खड़े हैं जहां longing और yearning यानी चाहत और इंतजार का एहसास सबसे ज्यादा मायने रखता है। Jiya Lage Na की दुनिया में रात का सन्नाटा, धीमी बेचैनी और ड्रम-एंड-बेस की आधुनिक धुन एक साथ मिलती थी, जबकि Vaari Vaari उसी अंतरंगता को एक और ज्यादा hypnotic इलेक्ट्रॉनिक पल्स के साथ आगे बढ़ाता है। ऐसा लगता है जैसे संगीत किसी इंसानी दिल की धड़कन को पकड़कर उसे इलेक्ट्रॉनिक बीट में बदल देता है। आवाज बहुत ज्यादा जोर नहीं लगाती, संगीत भी खुद को थोपता नहीं, लेकिन दोनों मिलकर श्रोता को धीरे-धीरे अपने घेरे में ले लेते हैं। यही शायद इस गीत की सबसे बड़ी खूबसूरती है—यह शोर मचाकर ध्यान नहीं खींचता, बल्कि चुपचाप सुनने वाले के भीतर उतरता जाता है।

और यही वह जगह है जहां सोना मोहपात्रा की गायकी अपना अलग रंग दिखाती है। भारतीय संगीत की परंपरा में ठुमरी का अपना एक खास संसार रहा है—शब्दों में प्रेम, विरह, प्रतीक्षा और भावनाओं की महीन परतें, लेकिन सोना इन भावों को किसी पुराने फ्रेम में बंद नहीं करतीं। वह भारतीय संगीत की उसी संवेदनशील शब्दावली को आधुनिक ध्वनि के साथ जोड़ती हैं। Vaari Vaari में भी यही प्रयोग सुनाई देता है। गीत की संरचना आधुनिक है, इलेक्ट्रॉनिक टेक्सचर मौजूद हैं, लेकिन उसके भीतर भारतीय संगीत की आत्मा बनी रहती है। यह न पूरी तरह पारंपरिक है, न सिर्फ पश्चिमी इलेक्ट्रॉनिक पॉप; यह दोनों के बीच की वह दिलचस्प जगह है जहां सोना अपनी पहचान बनाती हैं। शायद इसी वजह से उनका संगीत सुनते हुए यह एहसास होता है कि कलाकार परंपरा को पीछे छोड़कर आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि परंपरा को साथ लेकर भविष्य की ओर देख रहा है।

Vaari Vaari को लेकर एक दिलचस्प बात यह भी है कि इस बार गाने की आवाज और ऑडियो ने ही अपनी जगह बना ली है। सोना ने अपने पोस्ट में बताया कि Netflix की वीडियो अपलोडिंग से जुड़ी सीमाओं के कारण गाने का ऑडियो-लिरिक्स फॉर्मेट सामने आया, लेकिन इसके बावजूद इसे श्रोताओं का खूब प्यार मिल रहा है। सोशल मीडिया के दौर में जहां किसी गाने की सफलता अक्सर बड़े बजट वाले वीडियो, सितारों की मौजूदगी और वायरल रील्स से जोड़कर देखी जाती है, वहां किसी गीत का सिर्फ उसकी आवाज और संगीत के दम पर श्रोताओं तक पहुंचना अपने आप में दिलचस्प है। यह बताता है कि अच्छा संगीत कभी-कभी विजुअल के सहारे के बिना भी अपनी जगह बना सकता है। जब धुन कान पकड़ ले और आवाज दिल तक पहुंच जाए, तो स्क्रीन पर क्या दिख रहा है, यह सवाल पीछे छूट जाता है।

सोना के लिए यह दौर इसलिए भी खास है क्योंकि Vaari Vaari से पहले ‘Re Bawri’ ने भी श्रोताओं का ध्यान खींचा। खुद सोना ने इन दोनों लगातार रिलीज को अपने लिए एक “surprise gift” जैसा बताया है। एक कलाकार के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है कि एक गीत का उत्साह ठंडा भी न पड़ा हो और दूसरा गीत भी श्रोताओं के बीच अपनी जगह बनाना शुरू कर दे। Re Bawri और Vaari Vaari लगातार दो ऐसी रिलीज हैं जो सोना की रचनात्मक यात्रा के अलग-अलग रंग दिखाती हैं। यहां कलाकार किसी एक फॉर्मूले को दोहराने के बजाय अपनी आवाज और संगीत की सीमाओं को लगातार आगे बढ़ाती दिखाई देती हैं।

सोना मोहपात्रा की खासियत सिर्फ यह नहीं कि उनकी आवाज अलग पहचान में आती है। असली बात यह है कि वह अपने संगीत में एक दृष्टिकोण लेकर आती हैं। उनका संगीत भारतीय जड़ों से जुड़ा हुआ है, लेकिन भविष्य से डरता नहीं। वह लोक, शास्त्रीय प्रभाव, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक ध्वनियों और समकालीन गीत-संवेदना को एक साथ रख सकती हैं। यही कारण है कि Jiya Lage Na से Vaari Vaari तक की यात्रा को सिर्फ दो गानों की तुलना मानना शायद इस पूरी कहानी को छोटा कर देना होगा। यह एक कलाकार की बदलती ध्वनि का सफर है, जिसमें तकनीक बदली, प्रोडक्शन बदला, संगीत का टेक्सचर बदला, लेकिन भावनाओं को आवाज देने का नजरिया नहीं बदला।

सोना ने अपने नोट के अंत में लिखा—“My Sona filter stays ON. Always.” इस एक लाइन में उनका पूरा अंदाज छिपा हुआ है। आत्मविश्वास, शरारत और अपनी कलात्मक पहचान पर भरोसा। और शायद यही Vaari Vaari की सबसे बड़ी कहानी भी है। यह गाना केवल एक नई रिलीज नहीं, बल्कि उस “Sona filter” का नया संस्करण है—जहां भारतीय संगीत की खुशबू है, आधुनिक धड़कन है, थोड़ी-सी शरारत है और सबसे ज्यादा वह कसक है जो अच्छे संगीत को सिर्फ सुना नहीं, महसूस किया जाता है।

‘Jiya Lage Na’ से ‘Vaari Vaari’ तक—साल बदले, धुनों का रंग बदला, तकनीक बदली, लेकिन सोना मोहपात्रा की आवाज में मौजूद वह बेचैन खूबसूरती आज भी कायम है। शायद इसी वजह से उनका नया गीत सुनते हुए लगता है कि यह सिर्फ कोई नया गाना नहीं, बल्कि एक पुरानी भावनात्मक यात्रा का नया अध्याय है। और जब लगातार दो गाने—‘Re Bawri’ और ‘Vaari Vaari’—श्रोताओं को पसंद आ रहे हों, तो सोना मोहपात्रा के लिए यह वाकई संगीत की दुनिया से मिला एक खूबसूरत सरप्राइज गिफ्ट है।

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