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सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजन प्रसाद देसाई की अध्यक्षता में बनेगा 8वां वेतन आयोग, कैबिनेट ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस को दी मंजूरी

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025

केंद्र सरकार ने मंगलवार को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन से संबंधित “टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR)” को मंजूरी दे दी है। इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजन प्रसाद देसाई करेंगी। सरकार का अनुमान है कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाएंगी।

50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को फायदा

कैबिनेट बैठक के बाद जारी सरकारी बयान के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और अन्य लाभों में सुधार की सिफारिश करेगा। इसे गठन की तारीख से 18 महीनों के भीतर अंतरिम और अंतिम रिपोर्ट पेश करनी होगी।

राज्य चुनावों से पहले बड़ा कदम

लगभग नौ महीने पहले आयोग को सैद्धांतिक मंजूरी देने के बाद, अब केंद्र ने उसके कार्यक्षेत्र (ToR) को भी हरी झंडी दे दी है। यह फैसला 6 से 11 नवंबर के बीच होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जिससे राजनीतिक हलकों में इसे एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

आयोग की संरचना और प्रमुख सदस्य

सरकारी निर्णय के अनुसार, न्यायमूर्ति रंजन प्रसाद देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग में आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष को पार्ट-टाइम सदस्य बनाया गया है, जबकि पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन आयोग के सदस्य सचिव होंगे।

न्यायमूर्ति देसाई की चौथी बड़ी जिम्मेदारी

रंजन प्रसाद देसाई इस समय भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) की अध्यक्ष हैं। इससे पहले वे जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की परिसीमन आयोग और उत्तराखंड के समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदा समिति की अध्यक्ष रह चुकी हैं। यह उनके सेवानिवृत्ति के बाद की चौथी बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी होगी।

लागू होने की तारीख पर सरकार का बयान

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि “लागू होने की सटीक तारीख अंतरिम रिपोर्ट के बाद तय की जाएगी, लेकिन संभावना है कि यह 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।” आम तौर पर, वेतन आयोग की सिफारिशें हर 10 वर्ष के अंतराल पर लागू होती हैं। इसी क्रम में, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव भी जनवरी 2026 से अपेक्षित है।

मुद्रास्फीति से राहत के लिए भत्ता

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि महंगाई भत्ता (DA) कर्मचारियों को मुद्रास्फीति के असर से बचाने के लिए दिया जाता है। महंगाई दर के आधार पर हर छह महीने में डीए की दर संशोधित की जाती है।

पिछले आयोग की झलक

7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में गठित हुआ था और उसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गई थीं। उसी परंपरा को जारी रखते हुए अब 8वें वेतन आयोग की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती हैं।

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