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थाली-चम्मच के साथ जंतर-मंतर पहुंचेंगे छात्र, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 20 जून 2026

देशभर में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन ने अब एक नया प्रतीकात्मक रूप ले लिया है। छात्र-युवा संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन में शामिल होने वाले युवाओं से अपील की है कि वे अपने साथ थाली और चम्मच लेकर आएं।

अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि जंतर-मंतर पहुंचने वाले सभी छात्र और समर्थक अपने साथ थाली और चम्मच अवश्य लाएं। उनका यह आह्वान सीधे तौर पर कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से ताली और थाली बजाने की अपील की याद दिलाता है। हालांकि इस बार यह प्रतीक सरकार के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

कॉकरोच जनता पार्टी का दावा है कि उसे दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मिल चुकी है और 20 जून को दोपहर एक बजे जंतर-मंतर पर हजारों छात्र जुटेंगे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा NEET पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताएं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग है।

यह दिल्ली में संगठन का दूसरा बड़ा प्रदर्शन होगा। इससे पहले 6 जून को भी जंतर-मंतर पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। पिछले एक महीने के दौरान संगठन पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर सहित कई शहरों में प्रदर्शन कर चुका है। छात्र संगठनों का आरोप है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षा स्थगन और प्रशासनिक लापरवाही ने लाखों छात्रों के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।

अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक खुला पत्र भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने परीक्षा विवादों और कथित आत्महत्याओं से प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संबंधी संकट केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय संकट बन चुका है।

दिपके का दावा है कि हाल के दिनों में कई छात्रों ने आत्महत्या की है और परीक्षा प्रणाली को लेकर फैली अनिश्चितता ने युवाओं में तनाव और निराशा को बढ़ाया है। उनका कहना है कि लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भारी आर्थिक बोझ उठा रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें केवल असुरक्षा और अस्थिरता मिल रही है।

कॉकरोच जनता पार्टी लगातार यह मांग कर रही है कि शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी स्वीकार करे और इसके लिए राजनीतिक जवाबदेही तय की जाए। संगठन का कहना है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करने की लोकतांत्रिक मांग है।

दिपके ने अपने बयान में कहा कि यदि सरकार छात्रों की पीड़ा को नजरअंदाज करती रही तो इससे युवाओं और अभिभावकों का व्यवस्था पर विश्वास और कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की जवाबदेही तय करना ही शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने का पहला कदम है।

जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब देशभर में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बहस तेज है। छात्रों का एक बड़ा वर्ग परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। ऐसे में 20 जून का यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं की बढ़ती बेचैनी और असंतोष का प्रतीक बनता जा रहा है।

अब सबकी नजरें जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन पर हैं, जहां थाली और चम्मच की आवाज के जरिए छात्र सरकार तक अपना संदेश पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।

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