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14 दिन बाद भी नहीं टूटा गतिरोध, झारखंड सरकार-छात्रों की पहली वार्ता बेनतीजा

CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र; दो घंटे चली बैठक, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | रांची | 8 अगस्त 2026

झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को पहली बार सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच औपचारिक बातचीत हुई। हालांकि करीब दो घंटे तक चली बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी और छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया।

रांची के मोराबादी स्थित राज्य अतिथि गृह में हुई इस बैठक में राज्य सरकार की ओर से पांच सदस्यीय मंत्री समूह शामिल हुआ, जबकि JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच की ओर से 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। सरकार के प्रतिनिधिमंडल में मंत्री सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा, दीपिका पांडेय सिंह, संजय सिंह और विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह (IAS) शामिल थे।

छात्रों की प्रमुख मांग JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच है। उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, आंदोलन खत्म नहीं होगा।

इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार फिर कहा कि उनकी सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहती है। सरकार की इसी पहल के तहत पहली औपचारिक वार्ता आयोजित की गई।

दूसरी ओर, आंदोलन का केंद्र बने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र लगातार धरना दे रहे हैं। आंदोलन अब 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इससे पहले आमरण अनशन पर बैठे एक छात्र नेता की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिससे आंदोलन को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

बैठक के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने उनकी बातें सुनीं, लेकिन CBI जांच सहित प्रमुख मांगों पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया। इसलिए आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की है।

सरकार और छात्रों के बीच संवाद शुरू होना सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, लेकिन पहली बैठक के बेनतीजा रहने से स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी बड़ा मतभेद कायम है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या सरकार अगली वार्ता में कोई ठोस प्रस्ताव लेकर आती है या झारखंड का यह छात्र आंदोलन और तेज़ होता है।

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