क्रिकेट | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 13 जून 2026
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) हर साल नए सितारों को जन्म देती है और इस बार सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के लिए ऐसा ही एक नाम बनकर उभरे हैं युवा लेफ्ट-आर्म रिस्ट स्पिनर और ऑलराउंडर शिवांग कुमार। अपने डेब्यू सीजन में 13 मैच खेलकर 9 विकेट लेने वाले शिवांग ने केवल गेंद से ही नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास और आक्रामक सोच से भी क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है।
मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) में बंडेलखंड बुल्स की ओर से खेल रहे 24 वर्षीय शिवांग ने हाल ही में सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक ठोककर यह साबित कर दिया कि वह केवल गेंदबाज नहीं, बल्कि विस्फोटक बल्लेबाज भी हैं। उनका कहना है कि यह बदलाव सनराइजर्स हैदराबाद के ड्रेसिंग रूम से आया है।
शिवांग ने कहा कि SRH ने उनकी सोच पूरी तरह बदल दी। उन्होंने बताया कि पहले भी वह आक्रामक बल्लेबाज थे, लेकिन हैदराबाद में जाकर समझ आया कि आधुनिक टी-20 क्रिकेट में शुरुआत से ही हमला करना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा बल्लेबाजों को देखकर और ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा तथा ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों के साथ समय बिताकर उनकी बल्लेबाजी में और निडरता आई।
युवा स्पिनर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “SRH का खून अब मेरे अंदर आ गया है।” उनका लक्ष्य हर मैच में पावरप्ले से ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाना रहता है।
शिवांग ने कप्तान पैट कमिंस की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि कमिंस का सबसे बड़ा गुण खिलाड़ियों पर भरोसा करना है। अगर गेंदबाज की पिटाई भी हो जाए तो वह उसका मनोबल नहीं गिरने देते। शिवांग के अनुसार, कई बार कमिंस खुद उनके पास आकर पूछते थे कि सब ठीक है या नहीं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का यह भरोसा उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता था।
उन्होंने कहा कि जब पैट कमिंस जैसा विश्वस्तरीय कप्तान यह कहे कि “तुम हमारी टीम का मुख्य हथियार हो”, तो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए यह बहुत बड़ी प्रेरणा होती है।
वहीं ईशान किशन को लेकर शिवांग ने कहा कि वह खिलाड़ियों को पूरी आज़ादी देते हैं और ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद हल्का रखते हैं। ईशान से बात करना आसान है और वह भारतीय बल्लेबाजों की मानसिकता को अच्छी तरह समझते हैं। उनकी रणनीतिक समझ ने भी शिवांग को काफी मदद की।
IPL में अपने पहले सीजन से शिवांग ने एक और महत्वपूर्ण सीख हासिल की। उन्होंने कहा कि टी-20 क्रिकेट में एक दिन आप तीन विकेट लेते हैं और अगले दिन तीन ओवर में 40 रन भी खा सकते हैं। इसलिए न सफलता को सिर पर चढ़ाना चाहिए और न ही असफलता को दिल पर लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पैट कमिंस, डेनियल विटोरी और टीम के अन्य सीनियर खिलाड़ियों ने हमेशा उन्हें यही सलाह दी कि रन खाने की चिंता मत करो, विकेट लेने पर ध्यान दो। आधुनिक टी-20 क्रिकेट में गेंदबाज को मजबूत मानसिकता के साथ खेलना पड़ता है क्योंकि अच्छी गेंद पर भी चौका लग सकता है।
शिवांग का मानना है कि बल्लेबाजों के इस दौर में गेंदबाज को हमेशा एक कदम आगे सोचना होगा। उनका लक्ष्य केवल रन रोकना नहीं बल्कि बल्लेबाज को गलती करने पर मजबूर करना है।
मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन और IPL में मिले अनुभव के बाद अब शिवांग कुमार को भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों में गिना जाने लगा है। पैट कमिंस का भरोसा, ईशान किशन का समर्थन और SRH की आक्रामक सोच ने इस युवा खिलाड़ी को नई पहचान दी है। अगर उनका यही विकास जारी रहा तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और बेहतरीन ऑलराउंडर और मैच विनर मिल सकता है।




