राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 15 जुलाई 2026
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन बुधवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गया। लगातार बिगड़ती सेहत को लेकर सामाजिक संगठनों, सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों और विपक्षी नेताओं ने चिंता जताई है। कई लोगों ने वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील भी की है। अनशन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक का वजन अब करीब 9 किलोग्राम तक घट चुका है। संगठन का दावा है कि लगातार उपवास के कारण उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही है और मेडिकल रिपोर्ट में भी स्वास्थ्य में गिरावट के संकेत मिले हैं।
सीजेपी के अनुसार, वांगचुक परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 18 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। संगठन का कहना है कि उनकी हालत लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन उन्होंने अपनी मांगों से पीछे हटने से इनकार किया है।
वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और विपक्षी नेताओं ने सरकार से संवाद शुरू करने की अपील की है। साथ ही कई प्रमुख हस्तियों ने वांगचुक से भी स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है।
फिलहाल प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं और सरकार की ओर से इस मुद्दे पर किसी औपचारिक समाधान की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में जंतर-मंतर पर जारी यह आंदोलन और वांगचुक की सेहत दोनों पर देशभर की नजर बनी हुई है।




