मनोरंजन | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 29 अक्टूबर 2026
बॉलीवुड में जब संगीत को चमक-दमक, बड़े सेट और प्रचार के शोर में पेश करने का चलन बढ़ रहा है, तब गायिका सोना मोहपात्रा अपनी अलग ही दुनिया रच रही हैं। उनकी सबसे बड़ी खूबी है—अपनी शर्तों पर संगीत करना, प्रयोगों से न घबराना और अपनी आवाज को किसी तयशुदा दायरे में कैद न होने देना। इस बार सोना ने संगीत प्रेमियों को ऐसा सरप्राइज दिया है, जिसमें एक तरफ किताबों से भरा घर का कमरा है, दूसरी तरफ किसी ऐतिहासिक प्रेम कहानी जैसा शाही रोमांस!

न बड़े मंच का शोर, न दिखावे की जरूरत—बस सोना की आवाज का जादू!
सोना मोहपात्रा ने अपने घर ‘तराशा’ के बुक रूम से ‘बुक रूम सेशंस’ की शुरुआत की है। इसकी पहली पेशकश ‘वारी वारी एकॉस्टिक’ है, जिसमें उनकी आवाज के साथ तीन शानदार संगीतकारों का साथ सुनने को मिलता है। न भव्य स्टेज, न रोशनी का तमाशा और न ही भारी-भरकम सजावट—बस संगीत की आत्मा, आवाज की नजाकत और सुरों का ऐसा अपनापन, जो सीधे दिल तक पहुंचता है।
सोना की यही खासियत उन्हें अलग बनाती है। वह जानती हैं कि कलाकार की असली ताकत केवल बड़े मंच पर नहीं, बल्कि उस पल में भी होती है जब उसकी आवाज बिना किसी शोर के श्रोता के दिल से बात करती है। बुक रूम का यह प्रयोग संगीत को बेहद निजी अनुभव में बदल देता है—मानो सोना कोई शो नहीं कर रहीं, बल्कि सामने बैठकर अपने चाहने वालों के लिए गा रही हों।
एल्गोरिदम के दौर में श्रोताओं से दिल का रिश्ता!
आज डिजिटल दुनिया में हर दिन अनगिनत गाने रिलीज होते हैं। कुछ पल सुने जाते हैं और फिर अगले गाने के शोर में खो जाते हैं। ऐसे माहौल में सोना मोहपात्रा का अपने श्रोताओं से सीधे जुड़ने का विचार बेहद दिलचस्प है। वह चाहती हैं कि उनके संगीत तक पहुंचने के लिए प्रशंसकों को किसी एल्गोरिदम की मेहरबानी का इंतजार न करना पड़े।
यह केवल एक गाना रिलीज करने का मामला नहीं, बल्कि संगीत और श्रोता के बीच खोती जा रही आत्मीयता को फिर से जगाने की कोशिश है। सोना की रचनात्मक सोच की खूबसूरती यही है कि वह तकनीक के दौर में भी संगीत के मानवीय एहसास को सबसे ऊपर रखती हैं।
‘ब्रिजर्टन’ और ‘द ट्यूडर्स’ का असर—अब सोना के अंदाज में शाही इश्क!
सोना का मूड सिर्फ सादगी तक सीमित नहीं है। ‘ब्रिजर्टन’ और ‘द ट्यूडर्स’ जैसी सीरीज ने उनके भीतर पुराने शाही दौर के रोमांस को नए अंदाज में आजमाने की इच्छा जगा दी। फिर क्या था—कॉर्सेट, पुरानी भव्य हवेली और ऐतिहासिक प्रेम कहानी जैसा माहौल! सोना ने अपने गीत को एक बिल्कुल अलग दृश्यात्मक रंग देने का प्रयोग किया।
यहां उनकी शरारती और बेफिक्र रचनात्मकता देखने को मिलती है। एक ओर किताबों के बीच बैठकर गाने वाली आत्मीय कलाकार, तो दूसरी ओर शाही अंदाज में रोमांस रचती हुई सोना। यही तो उनकी दिलचस्पी है—खुद को एक ही छवि में बांधकर न रखना और हर बार कुछ नया करने का साहस दिखाना।
एक ही गीत, दो दुनिया—फैसला अब संगीत प्रेमियों का!
सोना मोहपात्रा ने अपने प्रशंसकों के सामने मजेदार सवाल रखा है—‘वारी वारी’ का कौन-सा अंदाज दिल जीतता है? घर के बुक रूम में रिकॉर्ड किया गया सादा, सुकून भरा एकॉस्टिक संस्करण या फिर पुरानी हवेली में फिल्माया गया शाही रोमांस?
यह सवाल महज दो प्रस्तुतियों के बीच चुनाव का नहीं है। यह सोना की बहुमुखी प्रतिभा और उनकी कल्पनाशीलता का भी उत्सव है। वह अपने प्रशंसकों को सिर्फ दर्शक बनाकर नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें अपनी रचनात्मक यात्रा में शामिल करती हैं। उनके अंदाज में सहजता भी है, हास्य भी और अपने काम को लेकर एक खूबसूरत आत्मविश्वास भी।
सोना मोहपात्रा की असली खूबी—अपनी अलग पहचान बनाने का हौसला!
सोना मोहपात्रा उन कलाकारों में हैं जो केवल लोकप्रियता के पीछे भागने के बजाय अपनी संगीत यात्रा में प्रयोग और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को महत्व देती हैं। उनकी आवाज में ऊर्जा है, प्रस्तुति में आत्मविश्वास है और कला को लेकर उनकी सोच में बेबाकी दिखाई देती है। वह संगीत को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनाओं, कल्पना और रचनात्मक आजादी का माध्यम बनाती हैं।
‘वारी वारी एकॉस्टिक’ के जरिए सोना ने एक बार फिर दिखाया है कि संगीत का जादू पैदा करने के लिए हमेशा करोड़ों का सेट और सैकड़ों लोगों की टीम जरूरी नहीं होती। कभी किताबों से भरा कमरा भी संगीत का खूबसूरत मंच बन सकता है और कभी एक पुरानी हवेली प्रेम की पूरी कहानी कह सकती है।
‘वारी वारी एकॉस्टिक’ यहां सुनें:
अब देखना यह है कि संगीत प्रेमियों का दिल किस पर आता है—बुक रूम की सादगी पर या शाही महल के रोमांस पर। लेकिन एक बात तय है: सोना मोहपात्रा ने अपने नए प्रयोग से संगीत को लेकर बातचीत में ताजगी जरूर ला दी है। उनकी यही बेबाकी, रचनात्मकता और हर बार कुछ अलग करने की चाह उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करती है।



