राष्ट्रीय/पश्चिम बंगाल | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 20 जून 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया है कि कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुछ हथियारबंद संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी से उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को केवल सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि एक संभावित “हत्या की साजिश” करार दिया है।
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि शुक्रवार रात एयरपोर्ट परिसर में कुछ संदिग्ध हथियारबंद लोगों को पकड़ा गया, जिसके बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के सबसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले हवाई अड्डों में से एक पर यदि हथियारबंद लोग संदिग्ध परिस्थितियों में घूम सकते हैं, तो यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
टीएमसी नेताओं का आरोप है कि ऐसे समय में जब पार्टी राजनीतिक संकट और बड़े पैमाने पर दलबदल की चुनौतियों का सामना कर रही है, तब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा को लेकर इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर हैं। पार्टी का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है और इसकी गहन जांच कराई जानी चाहिए कि संदिग्ध लोग एयरपोर्ट तक कैसे पहुंचे और उनका उद्देश्य क्या था।
गौरतलब है कि मई 2026 के चुनावी नतीजों के बाद से पश्चिम बंगाल की राजनीति लगातार उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं के इस्तीफे, कुछ सांसदों की बगावत और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच अभिषेक बनर्जी लगातार विपक्ष और केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने के आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे माहौल में सुरक्षा संबंधी यह घटना राजनीतिक महत्व भी हासिल कर गई है।
टीएमसी सूत्रों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी उन प्रमुख नेताओं में शामिल हैं जो चुनाव बाद राजनीतिक हिंसा और हमलों का सामना कर चुके हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि उन्हें पहले भी कई बार निशाना बनाने की कोशिश की गई है। इसी कारण एयरपोर्ट पर हुई इस घटना को पार्टी बेहद गंभीरता से ले रही है।
हालांकि अभी तक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), एयरपोर्ट अथॉरिटी या अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सुरक्षा एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पकड़े गए संदिग्धों का उद्देश्य क्या था तथा क्या वास्तव में किसी साजिश की आशंका थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में जारी राजनीतिक अस्थिरता और तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे संकट के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है। यदि जांच में किसी प्रकार की सुरक्षा चूक सामने आती है तो यह राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर बड़ा मुद्दा बन सकता है।
अभिषेक बनर्जी ने सुरक्षा एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। वहीं तृणमूल कांग्रेस इस घटना को लेकर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।




