खेल | ABC NATIONAL NEWS | हरारे | 15 सितंबर 2026
सचिन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अब ब्रेंडन टेलर के नाम
जिम्बाब्वे के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर ने मंगलवार को वनडे क्रिकेट में इतिहास रच दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरारे स्पोर्ट्स क्लब में तीन मैचों की सीरीज के पहले वनडे के लिए जैसे ही टेलर को जिम्बाब्वे की अंतिम एकादश में शामिल किया गया, उन्होंने भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का पुरुष वनडे क्रिकेट में सबसे लंबे करियर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। टेलर का वनडे करियर अब 22 साल और 148 दिन का हो गया है, जबकि सचिन का करियर 22 साल और 91 दिन चला था।
22 साल से ज्यादा का सफर, सचिन से आगे निकले टेलर
सचिन तेंदुलकर ने 2012 में अपना वनडे करियर खत्म किया था और तब से उनका यह रिकॉर्ड कायम था। सचिन ने भारत के लिए 463 वनडे मैच खेले और 22 साल से ज्यादा समय तक इस प्रारूप में अपना दबदबा बनाए रखा। अब ब्रेंडन टेलर ने करियर की अवधि के मामले में उन्हें पीछे छोड़ दिया है।
इस सूची में श्रीलंका के महान बल्लेबाज सनथ जयसूर्या 21 साल और 184 दिन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के जावेद मियांदाद का वनडे करियर 20 साल और 272 दिन का रहा, जबकि जिम्बाब्वे के सीन विलियम्स 20 साल और 187 दिन के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
लेकिन रिकॉर्ड के साथ जुड़ी है एक बड़ी पेचीदगी
ब्रेंडन टेलर ने सचिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन उनके करियर की कहानी बिल्कुल सीधी नहीं रही। टेलर ने 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। इसके बाद 2022 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी के भ्रष्टाचार विरोधी और डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन के मामलों में साढ़े तीन साल के लिए निलंबित किया गया था।
यही वजह है कि उनके रिकॉर्ड के साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ा है—क्या संन्यास और निलंबन के बीच का समय भी करियर की अवधि में शामिल किया जाना चाहिए? उपलब्ध रिकॉर्ड के हिसाब से उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति से अब तक का समय सचिन से अधिक हो गया है, लेकिन उनका सफर कई बार रुका भी है।
संन्यास के बाद फिर मैदान पर लौटे
निलंबन खत्म होने के बाद टेलर ने दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की। जिम्बाब्वे ने 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी शुरू की, जिसकी मेजबानी दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया के साथ जिम्बाब्वे भी करेगा। इसी तैयारी के बीच टेलर ने 2025 में संन्यास से वापसी की और एक बार फिर जिम्बाब्वे की टीम में जगह बनाई।
40 साल की उम्र में मैदान पर उनकी वापसी अपने आप में क्रिकेट की दुनिया की एक बड़ी कहानी है। एक खिलाड़ी जिसने संन्यास लिया, निलंबन झेला और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापस आया—आज वही खिलाड़ी वनडे क्रिकेट के सबसे लंबे करियर का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुका है।
2004 में शुरू हुआ था टेलर का वनडे सफर
ब्रेंडन टेलर ने अपना वनडे पदार्पण 2004 में किया था। इसके बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के लिए लगातार कई वर्षों तक बल्लेबाजी की और देश के सबसे सफल बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई। अब तक वह 208 वनडे मैच खेल चुके हैं और उनके नाम 11 वनडे शतक हैं।
जिम्बाब्वे क्रिकेट में उनका योगदान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उन्होंने लंबे समय तक टीम की बल्लेबाजी को संभाला और विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सचिन अभी भी कई बड़े रिकॉर्ड में सबसे आगे
ब्रेंडन टेलर ने करियर की लंबाई में सचिन तेंदुलकर को पीछे जरूर छोड़ा है, लेकिन वनडे क्रिकेट के कई सबसे बड़े रिकॉर्ड आज भी मास्टर ब्लास्टर के नाम हैं। सचिन वनडे क्रिकेट में 18,426 रन के साथ अब भी दुनिया के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
सचिन ने भारत की ओर से 463 वनडे मैच खेले, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए इस प्रारूप में सबसे ज्यादा मैचों में से एक नहीं बल्कि सर्वाधिक है। यानी टेलर ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया है, लेकिन वनडे क्रिकेट की महानता के दूसरे कई पैमानों पर सचिन अब भी बहुत आगे हैं।
टेलर के लिए रिकॉर्ड खास, सचिन की विरासत अलग
यह रिकॉर्ड टेलर के लंबे क्रिकेट जीवन को जरूर सम्मान देता है, लेकिन इसकी तुलना सचिन के पूरे वनडे करियर से करना आसान नहीं है। सचिन ने 24 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में क्रिकेट के लगभग हर बड़े रिकॉर्ड को छुआ। दूसरी ओर टेलर का करियर संन्यास और निलंबन के कारण असामान्य परिस्थितियों से गुजरा।
इसलिए टेलर के लिए यह उपलब्धि निश्चित रूप से ऐतिहासिक है, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि उन्होंने सचिन की पूरी वनडे विरासत को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने सिर्फ करियर की अवधि का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
जो रूट भी सचिन के रिकॉर्ड के करीब
इसी बीच इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट भी सचिन तेंदुलकर के एक बड़े रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं। रूट ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट में सचिन को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
सचिन के नाम टेस्ट क्रिकेट में 15,921 रन हैं और रूट उनसे करीब 1,600 रन पीछे हैं। हालांकि हालिया छह टेस्ट मैचों में रूट का प्रदर्शन बहुत प्रभावशाली नहीं रहा और वह न्यूजीलैंड तथा पाकिस्तान के खिलाफ इन छह टेस्ट में एक भी शतक नहीं लगा सके।
एक रिकॉर्ड टूटा, लेकिन सचिन की बादशाहत बरकरार
ब्रेंडन टेलर ने मंगलवार को सचिन तेंदुलकर के नाम लंबे समय से दर्ज एक खास रिकॉर्ड को जरूर तोड़ दिया। लेकिन सचिन के आंकड़े बताते हैं कि उनकी वनडे विरासत कितनी विशाल है। 18,426 रन, 463 मैच और दो दशक से ज्यादा का शानदार अंतरराष्ट्रीय सफर उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े बल्लेबाजों में बनाए रखता है।
ब्रेंडन टेलर ने समय की दौड़ में सचिन को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अब बड़ा सवाल यही है—क्या कोई बल्लेबाज कभी सचिन के 18,426 वनडे रन और 463 मैचों जैसे रिकॉर्ड भी तोड़ पाएगा?



