अंतरराष्ट्रीय/ खेल | ABC NATIONAL NEWS | सिडनी | 15 सितंबर 2026
इमरान खान की हालत पर बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज लगातार तेज होती जा रही है। अब ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट इतिहास के सात पूर्व कप्तानों ने विदेश मंत्री पेनी वोंग से इमरान खान की हिरासत को लेकर मानवीय चिंता जताते हुए कूटनीतिक स्तर पर मामला उठाने की अपील की है। सातों पूर्व कप्तानों ने इमरान की सेहत, चिकित्सा सुविधा, परिवार से संपर्क और कानूनी सहायता को लेकर सामने आ रही चिंताओं पर ध्यान देने की मांग की है।
एलन बॉर्डर से स्टीव वॉ तक, सात दिग्गज एक साथ
विदेश मंत्री पेनी वोंग को भेजे गए पत्र पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सात बड़े नामों के हस्ताक्षर हैं। इनमें एलन बॉर्डर, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, किम ह्यूज, मार्क टेलर और स्टीव वॉ शामिल हैं। इन सभी ने स्पष्ट किया कि वे यह अपील किसी राजनीतिक दल के समर्थन में या राजनयिक भूमिका में नहीं कर रहे हैं, बल्कि पूर्व क्रिकेट कप्तानों के रूप में मानवीय चिंता के कारण आवाज उठा रहे हैं।
ग्रेग चैपल ने 2022 में स्वस्थ देखा था इमरान को
पत्र में ग्रेग चैपल का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। उन्होंने 2022 में इस्लामाबाद में इमरान खान से मुलाकात की थी, उस समय इमरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे। सातों पूर्व कप्तानों के पत्र के अनुसार, उस समय इमरान खान स्वस्थ और पूरी तरह फिट नजर आए थे। अब हिरासत से सामने आ रही उनकी स्थिति से जुड़ी खबरों को देखते हुए उस समय की तस्वीर से तुलना करना उनके लिए चिंताजनक है। इसी वजह से उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से इस मामले को पाकिस्तान के सामने उठाने की अपील की है।
‘हमें चिंता है कि वह जेल में मर सकते हैं’
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर बयान ग्रेग चैपल का है। जब हिंदुस्तान टाइम्स ने उनसे पूछा कि सात पूर्व कप्तानों ने इमरान खान के लिए एक बार फिर आवाज क्यों उठाई, तो चैपल ने जवाब दिया—“हमें चिंता है कि वह जेल में मर सकते हैं।”
यह चैपल और उनके साथियों की गंभीर चिंता और आशंका है। हालांकि इमरान खान की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और जेल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के बारे में स्वतंत्र पुष्टि अलग विषय है। फिर भी इस बयान ने पाकिस्तान में इमरान खान की हिरासत को लेकर चल रही अंतरराष्ट्रीय चर्चा को और तेज कर दिया है।
‘हम उनकी राजनीति पर कोई पक्ष नहीं ले रहे’
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि वे इमरान खान के खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों की वैधता पर कोई फैसला नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की राजनीतिक और कानूनी प्रक्रिया पाकिस्तान का अपना मामला है। उनकी चिंता केवल इस बात को लेकर है कि हिरासत में रखे गए किसी भी व्यक्ति के साथ बुनियादी मानवीय व्यवहार होना चाहिए।
यानी उनका संदेश यह है कि किसी व्यक्ति की राजनीति से सहमति या असहमति एक अलग विषय है, लेकिन जेल में उसके स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
स्वास्थ्य, इलाज और परिवार से संपर्क पर सवाल
पत्र में इमरान खान के परिवार की ओर से लगातार उठाई जा रही चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है। पूर्व कप्तानों के अनुसार, इमरान के बेटे और बहनें कई महीनों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति और हिरासत में इलाज को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जता रहे हैं। पत्र में सीमित चिकित्सा सुविधा, परिवार से सीमित संपर्क और कानूनी सलाह तक सीमित पहुंच जैसी चिंताओं का जिक्र किया गया है।
इन चिंताओं को सातों पूर्व कप्तानों ने केवल इमरान खान का मामला नहीं माना, बल्कि हिरासत में रखे गए किसी भी व्यक्ति के साथ मानवीय व्यवहार के व्यापक सवाल से जोड़ा है।
भारत के दो महान कप्तान भी उठा चुके हैं आवाज
इमरान खान की स्थिति को लेकर यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत की पहली बड़ी अपील नहीं है। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव भी इमरान खान की स्थिति पर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने इमरान खान के स्वास्थ्य और इलाज को लेकर आवाज उठाई थी और उनके लिए अस्पताल में उचित चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया था।
यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गावस्कर और कपिल देव दोनों भारतीय क्रिकेट के बेहद सम्मानित नाम हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीतिक रिश्ते कितने भी तनावपूर्ण क्यों न रहे हों, क्रिकेट की दुनिया के इन दिग्गजों ने इमरान के मामले को मानवीय दृष्टि से देखने की बात रखी।
दुनिया के कई क्रिकेटर पहले भी उठा चुके हैं आवाज
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 21 अंतरराष्ट्रीय पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार की अपील की थी। इस अपील में भारत के सुनील गावस्कर, कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर जैसे नाम भी शामिल थे।
इसके बाद पैट कमिंस, ब्रायन लारा, वसीम अकरम, रमीज राजा, जावेद मियांदाद और माइकल होल्डिंग जैसे क्रिकेट से जुड़े बड़े नाम भी इमरान खान की स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं।
इमरान खान सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री नहीं, विश्व कप विजेता कप्तान भी
ऑस्ट्रेलियाई पूर्व कप्तानों ने अपने पत्र में इमरान खान की क्रिकेट उपलब्धियों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इमरान ने पाकिस्तान को उसका एकमात्र क्रिकेट विश्व कप खिताब दिलाया। 1992 में उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने विश्व कप जीता था।
इमरान खान ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद राजनीति में प्रवेश किया और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने। पत्र में उनके कैंसर अस्पतालों के निर्माण में योगदान का भी उल्लेख किया गया है। इसलिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इन दिग्गजों के लिए इमरान खान केवल पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि क्रिकेट की दुनिया के एक बड़े और सम्मानित व्यक्तित्व भी हैं।
इमरान 2023 से जेल में हैं
73 वर्षीय इमरान खान 2023 से जेल में हैं। वह 2022 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से हटे थे। इसके बाद उनके खिलाफ बड़ी संख्या में कानूनी मामले सामने आए। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें एक भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की जेल की सजा भी सुनाई गई है।
इमरान खान ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से लगातार इनकार किया है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी पीटीआई भी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती रही है। दूसरी तरफ पाकिस्तान की कानूनी व्यवस्था में इन मामलों पर अलग-अलग स्तर पर कार्यवाही जारी है।
100 से ज्यादा मामलों में फंसे इमरान
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद इमरान खान को 100 से ज्यादा मामलों का सामना करना पड़ा है। इनमें भ्रष्टाचार, रिश्वत, सरकारी गोपनीय जानकारी से जुड़े आरोप और सरकारी उपहारों की बिक्री से संबंधित मामले शामिल हैं।
लेकिन ऑस्ट्रेलिया के सात पूर्व कप्तानों ने इन मामलों में इमरान खान को निर्दोष या दोषी बताने की कोशिश नहीं की है। उनकी अपील का केंद्र साफ तौर पर हिरासत में स्वास्थ्य और मानवीय व्यवहार है।
माइकल होल्डिंग की आवाज भी हुई थी तेज
हाल के दिनों में वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने भी इमरान खान के साथ व्यवहार को लेकर पाकिस्तान सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने इस मामले को लेकर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
इसी दौरान इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू भी चर्चा में आया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और क्रिकेट पत्रकार माइकल एथर्टन ने उनके बेटों से बातचीत की थी। इस इंटरव्यू को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नाराजगी जताई और मुकाबले से हटने की धमकी तक दी थी। हालांकि मैच निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुआ और करीब 18 मिनट का यह इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
अब ऑस्ट्रेलियाई सरकार के सामने बड़ी चुनौती
सात पूर्व कप्तानों ने अब विदेश मंत्री पेनी वोंग से आग्रह किया है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस मुद्दे को पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों के सामने उठाए। ग्रेग चैपल ने खुद भी विदेश मंत्री से मुलाकात का अनुरोध किया है, ताकि वह इमरान खान की स्थिति पर सीधे चर्चा कर सकें।
अब नजर इस बात पर है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार इन क्रिकेट दिग्गजों की अपील पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक बातचीत में इमरान खान की हिरासत, स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े सवाल उठाए जाते हैं।
क्रिकेट की सीमा पार कर मानवता का सवाल
इमरान खान का मामला अब केवल पाकिस्तान की घरेलू राजनीति या अदालतों तक सीमित नहीं रह गया है। ऑस्ट्रेलिया के सात पूर्व कप्तानों की अपील, भारत के सुनील गावस्कर और कपिल देव की चिंता और दुनिया के दूसरे बड़े क्रिकेटरों की आवाज ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में भी चर्चा का विषय बना दिया है।
राजनीतिक आरोप और अदालत में चल रहे मामले अपनी जगह हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या 73 वर्षीय इमरान खान को जेल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, उचित इलाज, परिवार से संपर्क और कानूनी सहायता मिल रही है?
और जब ऑस्ट्रेलिया के सात पूर्व कप्तान कह रहे हैं—‘हमें चिंता है कि वह जेल में मर सकते हैं’—जब भारत के गावस्कर और कपिल देव भी उनके इलाज को लेकर आवाज उठा चुके हैं, तो क्या अब पाकिस्तान सरकार को इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति और हिरासत की परिस्थितियों पर दुनिया के सामने स्पष्ट जवाब नहीं देना चाहिए?



