Home » International » हॉर्मुज में बढ़ा तनाव: 24 घंटे में तीन तेल टैंकरों पर हमले, अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री की छूट खत्म की; कतर-सऊदी ने ईरान को घेरा

हॉर्मुज में बढ़ा तनाव: 24 घंटे में तीन तेल टैंकरों पर हमले, अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री की छूट खत्म की; कतर-सऊदी ने ईरान को घेरा

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 8 जुलाई 2026

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति लाइन माने जाने वाले हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में पिछले 24 घंटों के दौरान तीन तेल और एलएनजी टैंकरों पर प्रोजेक्टाइल से हमले किए गए हैं। घटनाओं के बाद वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इन हमलों के बीच अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री पर दी गई 60 दिनों की विशेष छूट (Sanctions Waiver) तत्काल प्रभाव से वापस ले ली है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने घोषणा की कि ईरानी तेल के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री की अनुमति देने वाला जनरल लाइसेंस अब रद्द कर दिया गया है।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि हॉर्मुज में हुई घटनाएं “पूरी तरह अस्वीकार्य” हैं और इनके परिणाम ईरान को भुगतने होंगे।

इस बीच कतर ने अपने एलएनजी टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान के उप-राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। कतर ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बताया।

वहीं सऊदी अरब ने भी ईरान पर अपने तेल टैंकर को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान को ऐसी गतिविधियां तुरंत बंद करनी चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालती हैं।

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि जब तक अमेरिका धमकियां देना बंद नहीं करता, तब तक किसी अंतिम परमाणु समझौते पर बातचीत शुरू नहीं होगी। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि या तो समझौता होगा या फिर अमेरिका “काम पूरा करेगा”।

उधर ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी जारी है। उनका पार्थिव शरीर इराक के पवित्र शहर नजफ पहुंच चुका है। अंतिम यात्रा ईरान और इराक के धार्मिक स्थलों से होकर गुजरेगी और 9 जुलाई को ईरान के मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज में लगातार बढ़ते हमले, ईरानी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों की वापसी और खाड़ी देशों की तीखी प्रतिक्रिया से पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा सकता है। इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर पड़ने की आशंका है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted