पर्यावरण/अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 8 जुलाई 2026
चीन एक बार फिर भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में आए शक्तिशाली बवंडरों, मूसलाधार बारिश और तेज तूफानों ने व्यापक तबाही मचाई है। अब तक 17 लोगों की मौत, 300 से अधिक लोगों के घायल होने और 1.30 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की पुष्टि हुई है। कई लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर राहत अभियान जारी है।
दक्षिणी गुआंग्शी प्रांत सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है, जहां बाढ़ और भारी बारिश से 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोग लापता हैं। क्षेत्र की 40 से अधिक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिसके चलते प्रशासन ने सर्वोच्च रेड फ्लड अलर्ट जारी कर दिया है।
वहीं हुबेई प्रांत में आए भीषण बवंडर और तूफान ने भारी तबाही मचाई। यहां 11 लोगों की जान गई, 300 से अधिक लोग घायल हुए और लगभग 5,000 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से 22 मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि कई औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
सबसे भयावह दृश्य हुआंगगांग शहर में देखने को मिला, जहां एक शक्तिशाली बवंडर ने गोदामों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवाओं ने कई भारी ट्रकों को करीब 30 मीटर (98 फीट) तक हवा में उछाल दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ।
हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत एवं बचाव एजेंसियों को “ऑल आउट रेस्क्यू” अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने, राहत सामग्री पहुंचाने और लापता लोगों की खोज में तेजी लाने का आदेश दिया है।
मुसीबत यहीं खत्म नहीं होती। चीन के पूर्वी तट की ओर सुपर टाइफून ‘बावी’ (Bavi) तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह गुरुवार तक पूर्वी चीन से टकरा सकता है। इसके साथ 241 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं और अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है, जिससे तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान का खतरा बना हुआ है।
इससे पहले यही टाइफून अमेरिका के प्रशांत द्वीपों गुआम और नॉर्दर्न मारियाना में भी भारी तबाही मचा चुका है, जहां हजारों लोग अब भी बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण इस वर्ष एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में चीन समेत पूरे क्षेत्र में भारी बारिश, बाढ़ और चक्रवाती तूफानों का खतरा बना रह सकता है।




