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ISRO में इस्तीफा देना अब आसान नहीं, गगनयान जैसे मिशनों के वैज्ञानिकों पर नए नियम लागू

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 18 जुलाई 2026

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के महत्वपूर्ण मिशनों पर काम कर रहे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए अब नौकरी छोड़ना पहले जितना आसान नहीं होगा। अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) ने नए नियम लागू करते हुए कहा है कि गगनयान और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय अंतरिक्ष परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) या इस्तीफे के अनुरोध अब सामान्य प्रक्रिया के तहत मंजूर नहीं किए जाएंगे।

14 जुलाई को जारी एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, ऐसे सभी मामलों का अंतिम फैसला अब सीधे अंतरिक्ष विभाग करेगा। इससे पहले संबंधित संस्थान स्तर पर इन अनुरोधों पर निर्णय लिया जाता था।

सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब हाल के महीनों में ISRO के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्रों से करीब 100 वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने इस्तीफा दिया है। अंतरिक्ष विभाग का कहना है कि लगातार बढ़ रही इस्तीफों की संख्या से गगनयान सहित राष्ट्रीय महत्व की कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि ग्रुप ‘ए’ के वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारियों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और इस्तीफे के लगातार आ रहे अनुरोध राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के लिए चिंता का विषय हैं। इसलिए ऐसे मामलों में अब अंतिम निर्णय विभाग स्तर पर ही लिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि अनुभवी वैज्ञानिकों के अचानक संगठन छोड़ने से महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अभियानों की समयसीमा, तकनीकी विशेषज्ञता और परियोजनाओं की निरंतरता प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से गगनयान, भविष्य के मानव अंतरिक्ष मिशनों और अन्य संवेदनशील कार्यक्रमों के लिए विशेषज्ञ वैज्ञानिकों को बनाए रखना जरूरी है।

हालांकि, इस फैसले को लेकर कुछ विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि केवल इस्तीफों पर सख्ती करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार, वैज्ञानिकों के संगठन छोड़ने के कारणों—जैसे बेहतर अवसर, वेतन, करियर विकास और कार्य परिस्थितियों—पर भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

सरकार का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य वैज्ञानिकों के अधिकार सीमित करना नहीं, बल्कि देश की महत्वपूर्ण अंतरिक्ष परियोजनाओं में आवश्यक विशेषज्ञता और मानव संसाधन को बनाए रखना है, ताकि राष्ट्रीय महत्व के मिशन तय समय पर पूरे किए जा सकें।

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