राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 18 जुलाई 2026
शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद, छात्रों की आत्महत्याओं और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की जिम्मेदारी केवल शिक्षा मंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जवाबदेही केंद्र सरकार को भी लेनी चाहिए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब एक महीने से जारी आंदोलन के दौरान योगेंद्र यादव ने कहा कि केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना पर्याप्त नहीं होगा। उनका दावा था कि पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
यह आंदोलन NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में चल रहा है। आंदोलनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे। हालांकि, अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई। इसके बाद सीजेपी (Cockroach Janta Party) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
इस आंदोलन को आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला है। वहीं, आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कुछ पक्षों ने प्रदर्शन में लगे नारों और आंदोलन के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं, जबकि आंदोलनकारी इसे छात्रों के भविष्य की लड़ाई बता रहे हैं।
उधर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने का फैसला उनकी बिगड़ती सेहत, डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया। दूसरी ओर, आंदोलनकारी इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हस्तक्षेप बताते हुए अपना विरोध जारी रखने की बात कह रहे हैं।



