राष्ट्रीय | महेंद्र सिंह | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पुलिस सूत्रों के हवाले से खबर है कि 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा में शामिल आरोपियों के पासपोर्ट रद्द करने के प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश या पुष्टि सामने नहीं आई है।
इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नई दिल्ली स्थित आवास पर विपक्षी दलों की महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जंतर-मंतर आंदोलन, संसद के भीतर सरकार को घेरने की रणनीति और आगे के राजनीतिक कदमों पर चर्चा की जा रही है। हाल के दिनों में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल छात्र आंदोलन के समर्थन में लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
जंतर-मंतर पर आंदोलन लगातार जारी है और देश के विभिन्न राज्यों से छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं, सरकारी स्तर पर आंदोलनकारी प्रतिनिधियों से बातचीत की संभावनाएं भी बनी हुई हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई की घटना से जुड़े वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, CJP ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों पर अनावश्यक बल प्रयोग किया गया तथा आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई। संगठन लगातार निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है।
उधर, संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज हो गया है। विपक्ष छात्र आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि NEET-UG पेपर लीक से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।




