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पेट्रोल पंपों पर हाहाकार! डीजल-पेट्रोल की किल्लत से मची अफरा-तफरी, सरकार बोली- घबराने की जरूरत नहीं

राष्ट्रीय | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली / मुंबई | 27 मई 2026

देश के कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल को लेकर अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं, जबकि कई जगहों पर डीजल खत्म होने की खबरों ने आम लोगों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बढ़ती तेल कीमतों और सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं के बीच लोगों ने बड़े पैमाने पर ईंधन जमा करना शुरू कर दिया है, जिसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक तेजी से खत्म होने लगा। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने स्थिति को पूरी तरह सामान्य बताते हुए लोगों से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की है।

महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के किसान अविनाश देशमुख जैसे हजारों किसान इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। खरीफ और गन्ने की बुआई का मौसम करीब होने के कारण किसानों को ट्रैक्टर चलाने के लिए भारी मात्रा में डीजल की जरूरत है, लेकिन कई पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध नहीं होने से खेती का काम प्रभावित होने लगा है। किसान घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। अविनाश देशमुख का कहना है कि गन्ने की खेती के लिए खेत तैयार करना जरूरी है, लेकिन डीजल नहीं मिलने से उनकी पूरी योजना प्रभावित हो रही है।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार बढ़ोतरी की गई। 25 मई को देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹2.70 से ₹2.80 प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई, जिसके बाद लोगों में यह डर फैल गया कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं या सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका में कई वाहन मालिक और ट्रांसपोर्टर बड़ी मात्रा में ईंधन भरवाने लगे, जिससे अचानक मांग बढ़ गई और कई पंपों पर स्टॉक कम पड़ने लगा।

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कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने हालात को देखते हुए बिक्री पर अनौपचारिक सीमाएं भी लगा दी हैं। कई जगह दोपहिया और चारपहिया वाहनों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है ताकि ज्यादा लोगों तक ईंधन पहुंच सके। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन मांग सामान्य दिनों की तुलना में अचानक बहुत अधिक बढ़ गई है, जिससे वितरण व्यवस्था पर दबाव पड़ रहा है।

इस बीच सरकारी तेल कंपनियों यानी Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि देशभर में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा करने से बचें। तेल कंपनियों का कहना है कि सभी डिपो और सप्लाई चैन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और लगातार पेट्रोल पंपों तक ईंधन पहुंचाया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि तेल बाजार में घबराहट का माहौल बना हुआ है। अगर आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़ते हैं तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां लोगों को भरोसा दिलाने में जुटी हैं कि देश में ईंधन संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर लंबी कतारें, किसानों की परेशानी और पंपों पर घटते स्टॉक ने आम जनता की चिंता जरूर बढ़ा दी है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि यह केवल घबराहट में हुई खरीदारी है या देश वास्तव में किसी बड़े ईंधन दबाव की ओर बढ़ रहा है।

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