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हिटलर के नाम पर शहरों के नामकरण की याद दिलाकर पवन खेड़ा का तंज, जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने की खबर पर सियासी घमासान

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 अक्टूबर 2026

जर्मनी में हिटलर के नाम पर सड़कों और चौराहों के नाम रखे जाने के इतिहास की याद दिलाकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जेवर एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखे जाने की खबर पर तीखा तंज कसा है। सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में खेड़ा ने लिखा कि 1933 में नाजी जर्मनी में जारी आदेशों के बाद जर्मनी, ऑस्ट्रिया और कब्जे वाले यूरोप के कई शहरों में प्रमुख चौराहों और सड़कों के नाम हिटलर के नाम पर रखे गए थे। उन्होंने आगे कहा कि 1945 के बाद इन नामों को बदलकर पुराने नाम बहाल किए गए या गैर-नाजी नाम रखे गए।

खेड़ा की यह टिप्पणी उस पोस्ट के संदर्भ में सामने आई है, जिसमें पत्रकार पद्मजा जोशी के हवाले से दावा किया गया कि नोएडा के पास जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किया जाएगा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसकी घोषणा करेंगे।

इस पोस्ट ने राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। हालांकि, साझा स्क्रीनशॉट में नाम बदलने की खबर का दावा तो दिखाई देता है, लेकिन एयरपोर्ट का नाम आधिकारिक रूप से बदले जाने की पुष्टि करने वाला सरकारी आदेश या अधिसूचना इसमें मौजूद नहीं है। इसलिए इस दावे को आधिकारिक निर्णय मानने से पहले सरकार की पुष्टि जरूरी है।

पवन खेड़ा की टिप्पणी का राजनीतिक संदेश साफ है—सार्वजनिक संस्थानों और प्रमुख स्थानों का नाम किसी व्यक्ति के नाम पर रखने की परंपरा पर सवाल उठाए जाएं और इतिहास से सबक लिया जाए। हिटलर के नाम पर किए गए नामकरण और युद्ध के बाद हुए बदलावों का उदाहरण देकर उन्होंने व्यक्तिगत महिमामंडन की राजनीति पर निशाना साधा है।

भारत में हवाई अड्डों, सड़कों, भवनों और सार्वजनिक योजनाओं के नामकरण को लेकर पहले भी राजनीतिक विवाद होते रहे हैं। समर्थक ऐसे नामों को नेतृत्व या योगदान के सम्मान से जोड़ते हैं, जबकि आलोचक सवाल उठाते हैं कि क्या सार्वजनिक संस्थानों को किसी एक नेता के नाम से जोड़ना उचित है।

जेवर एयरपोर्ट के नाम को लेकर अब सबसे अहम सवाल यही है कि क्या नाम बदलने का कोई आधिकारिक फैसला हुआ है, या फिलहाल यह सोशल मीडिया पर प्रसारित दावा भर है? सरकार की पुष्टि के बिना इसे अंतिम निर्णय मानना जल्दबाजी होगी।

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