[the_ad id="179"]
Home » National » कांग्रेस बोली—मोदी सरकार की तानाशाही नहीं चलने देंगे

कांग्रेस बोली—मोदी सरकार की तानाशाही नहीं चलने देंगे

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 अक्टूबर 2026

दिल्ली में CJP के 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, रेल सेवाओं पर पाबंदियां लगाने और जगह-जगह बैरिकेडिंग के जरिए आम लोगों की आवाजाही प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शन रोकने के लिए किए जा रहे इंतजामों से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और रोजी-रोटी कमाने के लिए दिल्ली आने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पार्टी ने दो टूक कहा है, “मोदी सरकार की इस तानाशाही को हम चलने नहीं देंगे।”

कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशन बंद किए जा रहे हैं, ट्रेनें रोकी जा रही हैं और जगह-जगह बैरिकेड लगाकर रास्ते बंद किए जा रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, इसका सीधा असर आम नागरिकों की आवाजाही पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने इस परेशानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की जानकारी भी साझा की।

पार्टी के अनुसार, कांग्रेस के विधि विभाग के प्रमुख और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। इस दौरान यूथ कांग्रेस के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने कहा कि सुनवाई में आम लोगों की आवाजाही, छात्रों की परेशानी और रोजाना काम के लिए दिल्ली आने वाले हजारों यात्रियों की दिक्कतों का मुद्दा उठाया गया।

कांग्रेस की पोस्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आम जनता की आवाजाही बाधित न हो। पार्टी ने न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की टिप्पणी का भी उल्लेख किया कि ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन उन्हें पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता। अदालत में उठे इन मुद्दों के केंद्र में यह सवाल रहा कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ सार्वजनिक परिवहन को किस तरह चालू रखा जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।

दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और वामपंथी संगठनों ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है।

कांग्रेस का आरोप है कि प्रदर्शन से पहले की गई व्यापक बंदिशों का खामियाजा उन नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका प्रदर्शन से कोई सीधा संबंध नहीं है। पार्टी ने खास तौर पर छात्रों और रोजाना काम के लिए दिल्ली पहुंचने वाले यात्रियों की परेशानी का मुद्दा उठाया है। कांग्रेस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

दूसरी ओर, पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने और सुरक्षा इंतजामों के पीछे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत बताई गई है। ऐसे में विवाद का मुख्य प्रश्न यह है कि संभावित प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मेट्रो, रेल और सड़क यातायात को किस सीमा तक सामान्य रखा जा सकता है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह नागरिकों के अधिकारों और आवाजाही की स्वतंत्रता के मुद्दे पर सरकार को घेरती रहेगी। पार्टी के बयान ने दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही और प्रशासन के अगले कदमों पर हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *