मनोरंजन | ABC NATIONAL NEWS | 9 अक्टूबर 2026
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के कैंसर से जूझने की कहानी सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों के बीच उनकी हिम्मत और समय पर इलाज के महत्व को लेकर चर्चा हो रही है। उनकी बेटी और अभिनेत्री सोहा अली खान ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान मां की बीमारी, सर्जरी और रिकवरी से जुड़ी अहम बातें साझा कीं।
सोहा के मुताबिक, शर्मिला टैगोर को 2023 में लंग कैंसर का पता चला था। राहत की बात यह थी कि बीमारी शुरुआती अवस्था यानी स्टेज-0 में पकड़ी गई। हालांकि, उस समय कैंसर के घातक होने की पुष्टि ऑपरेशन के दौरान ही हुई।
सर्जरी कराने के फैसले पर अडिग रहीं शर्मिला
सोहा ने बताया कि बीमारी शुरुआती चरण में होने के कारण कुछ लोगों को सर्जरी जरूरी नहीं लग रही थी। इसके बावजूद शर्मिला टैगोर ने ऑपरेशन कराने पर जोर दिया। सोहा के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने पुष्टि की कि कैंसर घातक था और वे प्रभावित हिस्से को पूरी तरह निकालने में सफल रहे।
सोहा ने बताया कि उनकी मां का मामला लंग कैंसर के मरीजों के लिए सबसे बेहतर संभावित परिणामों में से एक था। उनके मुताबिक, बीमारी का इतनी शुरुआती अवस्था में पता चलना और सर्जरी के जरिए उसे निकाल पाना बेहद अहम साबित हुआ।
यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि किसी बीमारी के इलाज का फैसला केवल शुरुआती जानकारी के आधार पर नहीं, बल्कि डॉक्टरों की सलाह, जांच और मरीज की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं पड़ी
सोहा अली खान ने इससे पहले भी एक बातचीत में अपनी मां के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि कैंसर को सर्जरी के जरिए निकाल दिए जाने के बाद शर्मिला टैगोर को कीमोथेरेपी कराने की जरूरत नहीं पड़ी।
सोहा के अनुसार, उनकी मां अब ठीक हैं। हालांकि, किसी मरीज को कीमोथेरेपी की जरूरत होगी या नहीं, यह कैंसर के प्रकार, उसकी अवस्था, ऑपरेशन के नतीजों और डॉक्टरों के आकलन पर निर्भर करता है। इसलिए शर्मिला टैगोर का इलाज हर कैंसर मरीज के लिए एक जैसा उदाहरण नहीं माना जा सकता।
बीमारी के कारण छोड़नी पड़ी थी फिल्म
शर्मिला टैगोर ने इससे पहले करण जौहर के चर्चित शो ‘कॉफी विद करण’ में अपनी बीमारी के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण वह करण जौहर की फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में काम नहीं कर सकीं।
करण जौहर ने भी बताया था कि फिल्म में शबाना आजमी द्वारा निभाई गई भूमिका के लिए उनकी पहली पसंद शर्मिला टैगोर थीं। लेकिन उस समय उनकी सेहत ऐसी नहीं थी कि वह इस प्रस्ताव को स्वीकार कर पातीं।
शर्मिला ने बताया था कि यह प्रस्ताव कोविड-19 महामारी के उस दौर में आया था, जब वैक्सीन उपलब्ध नहीं थीं और संक्रमण का खतरा चिंता का विषय बना हुआ था। कैंसर के निदान के बाद परिवार भी उनकी सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रहा था।
करण जौहर ने भविष्य में शर्मिला टैगोर के साथ काम करने की इच्छा भी जाहिर की थी।
अभिनय की दुनिया में फिर लौटीं
स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद शर्मिला टैगोर ने अभिनय से अपना रिश्ता बनाए रखा। वह 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘गुलमोहर’ और 2025 की फिल्म ‘पुरातन’ में नजर आईं। इसके अलावा उन्होंने अपने दामाद कुणाल खेमू के निर्देशन में बनी फिल्म ‘वाइब’ में भी कैमियो किया।
शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने लंबे करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। उनके स्वास्थ्य से जुड़ी यह कहानी उनके प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है।
शुरुआती पहचान और समय पर इलाज का महत्व
लंग कैंसर कई बार शुरुआती दौर में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता, जिसके कारण इसका पता देर से चल सकता है। शर्मिला टैगोर के मामले में बीमारी का शुरुआती चरण में पता चलना और ऑपरेशन के दौरान कैंसर को निकाल पाना महत्वपूर्ण रहा।
हालांकि, हर मरीज की स्थिति अलग होती है। लगातार खांसी, खांसी में खून, सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
शर्मिला टैगोर की कहानी का सबसे अहम पहलू यही है कि बीमारी का पता चलने पर उन्होंने इलाज का रास्ता चुना और परिवार के सहयोग से इस चुनौती का सामना किया। उनकी बेटी सोहा द्वारा साझा की गई जानकारी ने इस निजी संघर्ष के उन पहलुओं को सामने रखा है, जिनके बारे में प्रशंसक पहले बहुत कम जानते थे।



