राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली/मुंबई | 17 जुलाई 2026
महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सहयोगी दलों को स्पष्ट संदेश दिया है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का कोई भी गुट तभी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बन सकता है, जब वह एकजुट NCP के रूप में आए। अलग-अलग गुटों के लिए NDA में कोई जगह नहीं होगी।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने महाराष्ट्र के महायुति सहयोगियों को साफ कर दिया है कि वह मौजूदा सहयोगी दलों—एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP—की स्थिति को लेकर किसी तरह की असुरक्षा पैदा नहीं होने देना चाहता।
यह संदेश ऐसे समय आया है, जब शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के परिसीमन विधेयक पर नरम रुख अपनाने और भविष्य में NDA के साथ संभावित राजनीतिक समीकरण बनने की अटकलें तेज हो गई हैं। हाल ही में एकनाथ शिंदे और शरद पवार की मुलाकात की तस्वीरें भी राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बनी थीं।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि पार्टी किसी भी दल का भाजपा में विलय नहीं चाहती। यदि किसी दल का कोई अन्य गुट NDA में शामिल होना चाहता है, तो उसे पहले अपनी पार्टी को एकजुट करना होगा और उसके बाद ही गठबंधन में शामिल होने पर विचार किया जाएगा।
भाजपा का मानना है कि इस नीति से महायुति के मौजूदा सहयोगियों के बीच विश्वास बना रहेगा और गठबंधन के भीतर अनावश्यक राजनीतिक असमंजस की स्थिति नहीं बनेगी।
महाराष्ट्र में हाल के दिनों में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम और परिसीमन जैसे मुद्दों पर विभिन्न दलों के रुख ने नई राजनीतिक संभावनाओं को जन्म दिया है। हालांकि भाजपा के इस ताजा संदेश से यह संकेत मिला है कि फिलहाल पार्टी गठबंधन की मौजूदा संरचना में किसी नए गुट को अलग पहचान के साथ शामिल करने के पक्ष में नहीं है।
अब सभी की नजरें NCP (SP) के अगले राजनीतिक कदम और महाराष्ट्र की बदलती सियासी तस्वीर पर टिकी हैं, क्योंकि आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति नए समीकरणों की ओर बढ़ सकती है।




