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पेपर लीक पर राजनीतिक सहमति की जरूरत: राहुल गांधी, परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की वकालत

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | देहरादून | 17 जुलाई 2026

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर चिंता जताते हुए इसे खत्म करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से व्यापक सहमति बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों को तोड़ रही हैं, इसलिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक और स्थायी सुधार की आवश्यकता है।

देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत को सरकार-केंद्रित परीक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर छात्र-केंद्रित, सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोकने में विफल रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त बनाया जाना चाहिए, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य किसी भी कीमत पर समझौते का विषय नहीं बनना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई सुझाव भी दिए। उन्होंने रैंडमाइज्ड प्रश्नपत्र प्रणाली लागू करने की वकालत की, जिससे प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना कम हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी और निश्चित सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।

राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा केवल एक टेस्ट नहीं होती, बल्कि यह लाखों युवाओं के करियर और उनके परिवारों की वर्षों की मेहनत से जुड़ी होती है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है।

हाल के वर्षों में देश में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए हैं। इन घटनाओं के कारण परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं और लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर सभी दल मिलकर ऐसा समाधान निकालें, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो और देश की परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा मजबूत हो सके।

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