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ईरान-अमेरिका युद्ध और भड़का, खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें; कई देशों तक फैला संघर्ष

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान/वॉशिंगटन | 17 जुलाई 2026

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष और तेज हो गया है। लगातार छठी रात अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कतर, जॉर्डन, ओमान, सीरिया और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य विमानों, कतर के अल-उदीद एयरबेस, ओमान में अमेरिकी रडार ठिकानों और सीरिया के अल-तनफ सैन्य अड्डे पर हमले किए। गार्ड्स ने कहा कि ये कार्रवाई अमेरिका के हालिया हवाई हमलों के जवाब में की गई है और हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक अमेरिका दक्षिणी ईरान और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हमले बंद नहीं करता।

उधर अमेरिकी सेना ने शुक्रवार तड़के ईरान में दर्जनों सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी हमलों में दक्षिणी ईरान के चाबहार बंदरगाह, बंदर खमीर क्षेत्र के कई पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

युद्ध का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र पर दिखाई देने लगा है। कुवैत ने बताया कि ईरानी हमले में एक बिजली उत्पादन और जल विलवणीकरण संयंत्र को नुकसान पहुंचा है। कतर ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल हमला विफल कर दिया, हालांकि मलबा गिरने से एक बच्चा घायल हो गया। वहीं जॉर्डन ने तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है।

इस बीच इराक के कुर्द क्षेत्र में ईरानी कुर्द विपक्षी संगठन के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। हमलों की जिम्मेदारी ईरान ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है, लेकिन विपक्षी समूहों ने तेहरान पर आरोप लगाया है।

लगातार बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक व्यापार पर भी पड़ रहा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है, जबकि कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने पश्चिम एशिया के लिए अपनी उड़ानें रद्द या स्थगित कर दी हैं।

इस बीच चीन और पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से तत्काल युद्धविराम और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आशंका है कि यदि संघर्ष इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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