राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | श्रीनगर | 24 अक्टूबर 2026
जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल अगले सप्ताह होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने उपराज्यपाल से अगले सप्ताह के शुरुआती दो-तीन दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के लिए समय तय करने का अनुरोध किया है।
इस बीच, उमर अब्दुल्ला ने अपनी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के सहयोगियों को भी साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले लोगों की सूची पहले ही तय हो चुकी है। इसलिए कोई उन्हें या पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को फोन न करे, WhatsApp संदेश न भेजे और न ही मिलने के लिए घर आए।
उमर का संदेश—फैसला हो चुका है
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी से साफ संकेत मिलता है कि मंत्रिमंडल में किसे जगह मिलेगी, इसे लेकर पार्टी के भीतर उत्सुकता बनी हुई है। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले नेताओं की दावेदारी और राजनीतिक गतिविधियां आम तौर पर तेज हो जाती हैं। ऐसे में उमर अब्दुल्ला ने अपने सहयोगियों को पहले ही बता दिया कि सूची तय हो चुकी है और अब उनसे संपर्क करने का कोई फायदा नहीं होगा।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं के नामों का खुलासा नहीं किया। इसलिए किन मंत्रियों को बरकरार रखा जाएगा, किनकी जिम्मेदारियां बदली जाएंगी और किन नए चेहरों को मौका मिलेगा, इस पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
उपराज्यपाल से मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा
उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को श्रीनगर स्थित लोक भवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा कि उपराज्यपाल हाल में श्रीनगर लौटे थे और अस्वस्थ होने के कारण वह पहले उनका हालचाल जानना चाहते थे।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, कुछ ऐसे विषय भी थे जिन पर उपराज्यपाल से बातचीत करना और उनकी राय लेना जरूरी था। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार का मुद्दा भी बैठक में उठा और उन्होंने अगले सप्ताह के शुरुआती दो-तीन दिनों में इसके लिए समय तय करने का अनुरोध किया।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अब उपराज्यपाल समय तय करेंगे और इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पार्टी के भीतर बढ़ी उत्सुकता
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्रिमंडल में जगह मिलने से नेताओं की राजनीतिक भूमिका और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव आ सकता है। ऐसे में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं के बीच भी संभावित फेरबदल को लेकर उत्सुकता स्वाभाविक है।
मुख्यमंत्री की ओर से फोन, WhatsApp या सीधे मिलने से बचने की सलाह दिए जाने से यह संकेत भी मिला कि वह मंत्रिमंडल गठन को लेकर अनावश्यक दबाव से बचना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने किसी खास नेता का नाम लेकर यह नहीं बताया कि किसने उनसे संपर्क किया था या किस तरह की पैरवी की जा रही थी।
अब सबकी नजर आधिकारिक घोषणा पर
फिलहाल, मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख उपराज्यपाल की ओर से तय की जानी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि विस्तार अगले सप्ताह होने की संभावना है, लेकिन अंतिम समय और मंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि सरकार किन नेताओं को नई जिम्मेदारियां देती है और प्रशासनिक टीम में किस तरह का बदलाव किया जाता है। उमर अब्दुल्ला के संदेश ने इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि इस बार मंत्रिमंडल में जगह पाने की उम्मीद रखने वाले पार्टी नेताओं को आखिरी समय की पैरवी के बजाय औपचारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।



