राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | लखनऊ | 12 मई 2026
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अब बड़ा राजनीतिक मोड़ आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट ने इस मामले को और ज्यादा विस्फोटक बना दिया है। दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक कथित शूटर राज सिंह को गिरफ्तार किया है, जिसके कथित तौर पर BJP नेताओं से संबंध बताए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पत्रकार विनय मिश्रा ने पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि गिरफ्तार आरोपी राज सिंह पहले BJP उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करता दिखाई दिया था। पोस्ट में कुछ तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए गए हैं, जिनमें आरोपी कथित तौर पर BJP नेताओं और उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री के साथ नजर आ रहा है।
विनय मिश्रा ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्हें पहले से शक था कि इस पूरे मामले में BJP के कुछ बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अदालत की निगरानी में निष्पक्ष जांच हुई तो “कई बड़े BJP चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।”
बंगाल की राजनीति में मचा भूचाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति पहले से बेहद तनावपूर्ण माहौल से गुजर रही है। शिवेंदु अधिकारी राज्य की राजनीति में बेहद प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं और हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद उनकी सुरक्षा और राजनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा में रही हैं।
उनके PA चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पहले ही राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा पर सवाल खड़े कर दिए थे। अब आरोपी के कथित राजनीतिक कनेक्शन सामने आने के बाद विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
BJP पर गंभीर सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और पोस्ट के आधार पर विपक्षी दल BJP पर हमलावर हो गए हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर आरोपी की राजनीतिक पहुंच कितनी गहरी थी और क्या यह सिर्फ एक आपराधिक वारदात थी या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र मौजूद है।
हालांकि, अभी तक पुलिस या जांच एजेंसियों की ओर से आरोपी के किसी राजनीतिक दल से आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई हैं।
जांच पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हत्या किसी व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम थी या इसके पीछे कोई संगठित राजनीतिक साजिश मौजूद है। सोशल मीडिया पर वायरल दावों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
अब सबकी नजर पश्चिम बंगाल पुलिस और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि मामले में राजनीतिक लिंक साबित होते हैं तो यह बंगाल ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा भूचाल ला सकता है।




