अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 11 सितंबर 2026
चीन के प्रमुख बंदरगाह शहर क़िंगदाओ में एक मालवाहक जहाज में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, जिस समय आग लगी उस समय जहाज पर कुल 42 लोग मौजूद थे। इनमें से 17 लोगों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इनमें से 5 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। आग इतनी तेज थी कि जहाज से आसमान तक धुएं का घना गुबार उठता दिखाई दिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में बचाव अभियान चलाया गया और अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की।
रखरखाव के दौरान अचानक भड़की आग
यह हादसा क़िंगदाओ के एक शिपयार्ड में हुआ, जहां जहाज रखरखाव के लिए खड़ा था। स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 11:15 बजे आग लगी और लगभग तीन घंटे से कुछ ज्यादा समय बाद आग पर काबू पाया जा सका। सरकारी मीडिया की तस्वीरों में जहाज की पहचान ‘ओशन मेलोडी’ के रूप में की गई है। यह करीब 190 मीटर लंबा लाइबेरिया के झंडे वाला मालवाहक जहाज है और जहाज की ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार यह 31 अगस्त को क़िंगदाओ पहुंचा था।
आग कैसे लगी, अभी साफ नहीं
सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि आखिर जहाज में आग लगी कैसे? अधिकारियों ने आग के कारण की पुष्टि नहीं की है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने एएफपी को बताया कि जहाज से बहुत घना धुआं उठ रहा था, लेकिन उसने किसी विस्फोट की आवाज नहीं सुनी। इसका मतलब यह है कि जांच पूरी होने से पहले आग की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल बचाव अभियान और हादसे की जांच पर ध्यान दिया जा रहा है।
शी जिनपिंग और ली च्यांग ने दिए निर्देश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्यापक स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ली च्यांग ने जहाज पर फंसे लोगों को बचाने और राहत अभियान तेज करने को कहा। उन्होंने साथ ही दूसरे हादसे या नई आपदा को रोकने पर भी जोर दिया। बचाव दलों और आपातकालीन सेवाओं ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और जहाज से लोगों को निकालने का अभियान चलाया।
क़िंगदाओ चीन के सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाहों में शामिल
यह हादसा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि क़िंगदाओ चीन का एक बड़ा व्यापारिक केंद्र है और दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में मालवाहक जहाज आते-जाते हैं। ऐसे में जहाज में लगी आग ने सिर्फ जहाज पर मौजूद लोगों की सुरक्षा का सवाल नहीं उठाया, बल्कि बंदरगाहों और शिपयार्ड में सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान खींचा है।
एक महीने में दूसरा बड़ा शिपयार्ड हादसा
यह चीन में हाल के दिनों में शिपयार्ड से जुड़ा पहला गंभीर हादसा नहीं है। करीब एक महीने पहले दक्षिण-पूर्वी चीन के फुजियान प्रांत में एक शिपयार्ड में विस्फोट हुआ था, जिसमें एक बचावकर्मी की मौत हुई थी और 12 लोग घायल हुए थे। लगातार ऐसे हादसे सामने आने के बाद औद्योगिक और शिपयार्ड सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल आग की वजह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। रखरखाव के लिए खड़े जहाज में आग इतनी तेजी से कैसे फैली? क्या शिपयार्ड में सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा था? और क्या जांच के बाद हादसे की असली वजह सामने आएगी?
25 लोगों की मौत ने इस हादसे को बेहद गंभीर बना दिया है। अब चीन के सामने सिर्फ आग पर काबू पाने की चुनौती नहीं, बल्कि यह पता लगाने की भी जिम्मेदारी है कि आखिर इतनी बड़ी जनहानि को रोका क्यों नहीं जा सका।



