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मियामी विमान हादसे में बड़ा खुलासा: पायलट ने बार-बार कहा—‘रफ्तार बहुत ज्यादा है’, फिर भी नहीं संभला विमान

ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 11 सितंबर 2026

 

लैंडिंग से पहले ही पायलट ने खतरे की चेतावनी दी

अमेरिका के मियामी एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक विमान हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड यानी एनटीएसबी के नए आंकड़ों के मुताबिक, हादसे से पहले विमान के एक पायलट ने कॉकपिट में दूसरे पायलट को कई बार चेतावनी दी कि विमान की रफ्तार बहुत ज्यादा है। लेकिन चेतावनी के बावजूद दूसरे पायलट की प्रतिक्रिया लगातार और स्पष्ट नहीं थी। इसी दौरान विमान का स्वचालित सुरक्षा सिस्टम भी खतरे की चेतावनी दे रहा था। अमेजन का बोइंग 767-300 विमान रविवार को मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर रनवे से आगे निकल गया और जमीन पर मौजूद वाहनों से टकराने के बाद आग की लपटों में घिर गया। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हुई और 5 लोग घायल हुए।

292 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लैंडिंग

एनटीएसबी के अनुसार, विमान की लैंडिंग के समय रफ्तार करीब 158 नॉट यानी 292 किलोमीटर प्रति घंटे थी। विमानन विशेषज्ञों ने इसे काफी तेज रफ्तार बताया है। जांच में विमान की रफ्तार, ऊंचाई, फ्लैप खुलने का समय और दोनों पायलटों के बीच हुई बातचीत से जुड़ी जानकारी सामने आई है। बातचीत के सार के मुताबिक, एक पायलट लगातार विमान की ज्यादा रफ्तार को लेकर चेतावनी देता रहा, लेकिन दूसरे पायलट की तरफ से हर बार स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली। यानी विमान रनवे के बेहद करीब पहुंच चुका था, रफ्तार ज्यादा थी और कॉकपिट में खतरे को लेकर चेतावनी भी दी जा रही थी, फिर भी विमान सुरक्षित तरीके से रनवे पर नहीं उतर सका।

विमान के सुरक्षा सिस्टम ने भी खतरा बताया

हादसे से ठीक पहले विमान के स्वचालित सुरक्षा सिस्टम ने भी दो महत्वपूर्ण चेतावनियां दीं। पहली चेतावनी थी “सिंक रेट”, यानी विमान बहुत तेजी से नीचे आ रहा था। इसके बाद “टू लो टेरेन” की चेतावनी भी आई। इसका मतलब था कि विमान जमीन के बहुत करीब था और उसकी लैंडिंग की स्थिति सुरक्षित नहीं थी। विमानन विशेषज्ञ पाब्लो रोजास के अनुसार, उपलब्ध जानकारी से संकेत मिलता है कि लैंडिंग का प्रयास गंभीर परेशानी में था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पायलटों की पूरी रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कॉकपिट में वास्तव में क्या हुआ था।

फ्लैप भी देर से इस्तेमाल हुए—क्यों?

जांच में विमान के फ्लैप से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। फ्लैप विमान के पंखों के पीछे लगे हिस्से होते हैं, जो लैंडिंग के समय विमान की रफ्तार कम करने और उसे नियंत्रित तरीके से नीचे लाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों ने ध्यान दिया है कि इस विमान में फ्लैप अपेक्षाकृत देर से इस्तेमाल किए गए। सवाल यह है कि क्या विमान की ज्यादा रफ्तार को संभालने की कोशिश के कारण फ्लैप देर से लगाए गए? हालांकि, जांच एजेंसी ने अभी इसे हादसे की अंतिम वजह नहीं माना है। अंतिम निष्कर्ष पूरी जांच के बाद ही सामने आएगा।

रनवे पार कर कई वाहनों से टकराया विमान

अमेजन प्राइम एयर की फ्लाइट 7598 रनवे से आगे निकल गई। इसके बाद विमान जमीन पर मौजूद उपकरणों से टकराया, फिर एक सफेद फोर्ड वैन को टक्कर मारी और एयरपोर्ट की बाहरी सुरक्षा दीवार को पार करते हुए आगे बढ़ गया। इसके बाद विमान एक टोयोटा कोरोला से भी टकराया और रनवे से करीब 1,300 फीट यानी 394 मीटर दूर जाकर रुका। जिस वैन को विमान ने टक्कर मारी, उसमें विमान की सफाई करने वाली टीम के सदस्य मौजूद थे। हादसे में मारे गए पांचों लोग इसी जमीन पर मौजूद टीम का हिस्सा थे।

मारे गए पांचों लोग विमान में सवार नहीं थे

हादसे में जान गंवाने वालों में रोलांडो अलेमान लियोन, योएल रोड्रिगेज नारांजो, जूलियो सी. पिनेडा, कार्लोस अकोस्टा फजार्डो और जेवियरकिस रेयेस क्वेवेडो शामिल थे। उनकी उम्र 47 से 75 वर्ष के बीच थी। इस हादसे ने एयरपोर्ट के आसपास जमीन पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जब विमान रनवे से बाहर निकल गया, तो क्या आसपास काम कर रहे लोगों को बचाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी?

हादसे की अंतिम वजह अभी सामने नहीं आई

एनटीएसबी की जांच अभी जारी है। नए आंकड़ों ने विमान की तेज रफ्तार, पायलटों की बातचीत, स्वचालित सुरक्षा चेतावनियों और फ्लैप के इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर सवाल खड़े किए हैं। लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हादसा किसी एक वजह से हुआ। जांच में यह देखा जाएगा कि पायलटों ने सुरक्षा चेतावनियों पर क्या कार्रवाई की, लैंडिंग के दौरान विमान को नियंत्रित करने में क्या परेशानी आई और रनवे से बाहर निकलने के बाद विमान को समय पर क्यों नहीं रोका जा सका।

सबसे बड़ा सवाल यही है—जब पायलट को विमान की ज्यादा रफ्तार का पता था और विमान का सुरक्षा सिस्टम भी लगातार चेतावनी दे रहा था, तो आखिर वह कौन-सी कड़ी थी जहां हालात को संभालने का आखिरी मौका भी हाथ से निकल गया?

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