अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | दुबई | 1 सितंबर 2026
भारतीय दूतावास की चेतावनी—बायोमेट्रिक जानकारी किसी अनधिकृत व्यक्ति को न दें
संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय वाणिज्य दूतावास ने गंभीर चेतावनी जारी की है। दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने भारतीयों को ऐसे अनधिकृत एजेंटों और व्यक्तियों से सावधान रहने को कहा है, जो वीजा नियमित कराने, Emergency Certificate, Exit Permit, Emirates ID या रोजगार दिलाने के नाम पर उनकी व्यक्तिगत और बायोमेट्रिक जानकारी हासिल कर रहे हैं। दूतावास के मुताबिक उसे ऐसी शिकायतें मिली हैं जिनमें भारतीय नागरिक, विशेषकर ब्लू-कॉलर कामगार, कथित तौर पर ठगी का शिकार हुए और उनके बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना वित्तीय लेनदेन, बैंक खाते खोलने, कर्ज लेने या क्रेडिट कार्ड हासिल करने में किया गया।
बायोमेट्रिक डेटा से वित्तीय ठगी का खतरा
मामले की गंभीरता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि बायोमेट्रिक जानकारी सामान्य दस्तावेजों की तरह आसानी से बदली नहीं जा सकती। यदि किसी व्यक्ति की पहचान संबंधी जानकारी और बायोमेट्रिक डेटा गलत हाथों में पहुंच जाता है, तो उसका दुरुपयोग वित्तीय गतिविधियों में किए जाने का खतरा पैदा हो सकता है। दूतावास ने बताया कि कथित तौर पर कुछ पीड़ितों के नाम पर ऐसे वित्तीय लेनदेन किए गए जिनकी उन्हें जानकारी तक नहीं थी। बाद में उनके सामने बकाया राशि, जुर्माने, यात्रा प्रतिबंध और कुछ मामलों में जेल जाने जैसी गंभीर परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
वीजा और एग्जिट परमिट के नाम पर भी सावधान
दूतावास ने भारतीय नागरिकों को विशेष रूप से उन लोगों से सावधान रहने को कहा है जो वीजा नियमितीकरण, Exit Permit, Emirates ID या Emergency Certificate जैसी सरकारी प्रक्रियाओं में मदद करने का दावा करते हैं। किसी प्रक्रिया को आसान या जल्दी कराने के नाम पर यदि कोई व्यक्ति पासपोर्ट, Emirates ID, बायोमेट्रिक जानकारी अथवा व्यक्तिगत और वित्तीय credentials मांगता है, तो बिना सत्यापन उसके साथ ऐसी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित सरकारी प्रक्रिया के लिए सीधे अधिकृत सरकारी कार्यालय या आधिकारिक काउंटर का इस्तेमाल करना सुरक्षित रास्ता है।
बायोमेट्रिक स्कैन सिर्फ अधिकृत सरकारी केंद्रों पर
भारतीय दूतावास की सलाह का सबसे अहम हिस्सा यह है कि जिन भारतीय नागरिकों को Exit Permit, Emirates ID या Visa Regularisation जैसी प्रक्रियाओं के लिए बायोमेट्रिक स्कैन की जरूरत है, वे अपना बायोमेट्रिक डेटा केवल UAE सरकार की अधिकृत सुविधाओं और काउंटरों पर ही उपलब्ध कराएं। किसी निजी एजेंट, बिचौलिए या अनधिकृत व्यक्ति को बायोमेट्रिक स्कैन कराने की अनुमति देना जोखिम भरा हो सकता है। सरकारी प्रक्रिया में सहायता की पेशकश करने वाला व्यक्ति केवल इस आधार पर भरोसेमंद नहीं माना जा सकता कि वह किसी सरकारी काम का दावा कर रहा है।
पासपोर्ट और Emirates ID भी किसी को न सौंपें
दूतावास ने केवल बायोमेट्रिक डेटा को लेकर ही चेतावनी नहीं दी है। भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने पासपोर्ट, Emirates ID, बायोमेट्रिक जानकारी और व्यक्तिगत या वित्तीय credentials अनधिकृत व्यक्तियों अथवा एजेंसियों के साथ साझा न करें। खासकर ऐसे समय में जब कोई एजेंट नौकरी, वीजा या किसी सरकारी दस्तावेज से जुड़ी तत्काल मदद का दबाव बनाए, तब बिना सत्यापन संवेदनशील दस्तावेज सौंपना आगे चलकर बड़ी वित्तीय और कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
ब्लू-कॉलर कामगार भी निशाने पर
दूतावास को मिली रिपोर्टों में भारतीय नागरिकों के साथ-साथ ब्लू-कॉलर कामगारों के भी ठगी का शिकार होने की बात सामने आई है। विदेश में काम करने वाले ऐसे लोगों के लिए वीजा, रोजगार, Emirates ID और Exit Permit जैसी प्रक्रियाएं बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। इसी जरूरत का फायदा उठाकर अनधिकृत एजेंट संवेदनशील दस्तावेज और पहचान संबंधी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए किसी भी प्रक्रिया में जल्दबाजी करने के बजाय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सामने वाला व्यक्ति या एजेंसी वास्तव में अधिकृत है।
ठगी का असर सिर्फ पैसे तक सीमित नहीं
इस तरह के कथित धोखाधड़ी मामलों में नुकसान केवल बैंक खाते से पैसे निकलने तक सीमित नहीं रह सकता। यदि किसी व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल कर्ज, क्रेडिट कार्ड या अन्य वित्तीय लेनदेन के लिए किया जाता है, तो बाद में संबंधित व्यक्ति पर वित्तीय देनदारी, जुर्माना या यात्रा प्रतिबंध जैसी कार्रवाई का सामना करने की स्थिति पैदा हो सकती है। दूतावास ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ मामलों में मामला जेल तक पहुंच सकता है। इसलिए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को पहचान और वित्तीय जानकारी देना बेहद गंभीर जोखिम हो सकता है।
भारतीयों के लिए सीधी सलाह—सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
UAE में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए संदेश स्पष्ट है—सरकारी काम के नाम पर कोई एजेंट बायोमेट्रिक या संवेदनशील दस्तावेज मांगे तो पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें। Exit Permit, Emirates ID या Visa Regularisation के लिए बायोमेट्रिक स्कैन केवल अधिकृत UAE सरकारी सुविधाओं और काउंटरों पर कराएं। पासपोर्ट, Emirates ID, बैंकिंग जानकारी, व्यक्तिगत credentials और बायोमेट्रिक डेटा किसी अनधिकृत व्यक्ति को न दें। छोटी-सी लापरवाही आगे चलकर आर्थिक नुकसान के साथ गंभीर कानूनी परेशानी में बदल सकती है।




