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NEET प्रदर्शनकारियों पर दर्ज 13 FIR पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, दिल्ली पुलिस की याचिका पर आज फैसला संभव

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 1 सितंबर 2026

दिल्ली पुलिस ने FIR रद्द करने की मांग की

NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन से जुड़े छात्रों के खिलाफ दर्ज 13 FIR को खत्म करने की मांग को लेकर दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। दिल्ली पुलिस ने अदालत से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन FIR को रद्द करने की मांग की है। मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का भविष्य अब देश की सर्वोच्च अदालत के सामने है।

2,873 लोगों के खिलाफ नया मामला दर्ज करने की मांग

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण मांग रखी है। पुलिस चाहती है कि प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद 2,873 लोगों के खिलाफ एक नया मामला दर्ज कर उनकी भूमिका की जांच की जाए। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय करने के लिए अलग से जांच जरूरी है। यानी एक तरफ छात्रों के खिलाफ दर्ज 13 FIR खत्म करने की मांग है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान मौजूद हजारों लोगों की भूमिका की नए सिरे से जांच की मांग सामने आई है।

सुप्रीम कोर्ट पहले भी बना चुका है उच्चस्तरीय समिति

NEET विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर चुका है। इस समिति का उद्देश्य प्रदर्शन से जुड़े विभिन्न आरोपों और घटनाओं की जांच करना था। इनमें छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और पुलिस की कथित ज्यादतियों से जुड़े आरोप भी शामिल थे। ऐसे में अब दिल्ली पुलिस की FIR रद्द करने वाली याचिका पर होने वाली सुनवाई को उस पूरी प्रक्रिया के अगले महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है।

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अनुच्छेद 142 पर टिकी नजरें

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी व्यापक शक्तियों का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है। यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आदेश देने की शक्ति देता है। पुलिस इसी शक्ति के आधार पर 13 FIR को खत्म करने की मांग कर रही है। अदालत इस मांग को स्वीकार करती है या नहीं, यह सुनवाई के दौरान सामने आएगा।

दोपहर 2 बजे मामले पर सुनवाई

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंगलवार को इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए अदालत के सामने रखने का अनुरोध किया। इसके बाद मामले को दोपहर 2 बजे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सुप्रीम कोर्ट FIR रद्द करने की पुलिस की मांग पर क्या रुख अपनाता है और 2,873 लोगों की भूमिका की जांच के प्रस्ताव को किस नजर से देखता है।

छात्रों के लिए बेहद अहम सुनवाई

NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर होने वाले विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान दर्ज आपराधिक मामलों का असर छात्रों के भविष्य पर भी पड़ सकता है। यही कारण है कि यह सुनवाई केवल पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कानूनी विवाद नहीं है, बल्कि छात्रों के विरोध के अधिकार, कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई के बीच संतुलन से जुड़ा बड़ा सवाल भी सामने रखती है।

अब अदालत तय करेगी अगली दिशा

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की मांग पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। मंगलवार की सुनवाई में अदालत पुलिस की दलीलों, पहले की जांच और प्रदर्शन से जुड़े तथ्यों पर विचार करेगी। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि 13 FIR का क्या होगा और 2,873 लोगों की भूमिका की अलग जांच का रास्ता खुलेगा या नहीं। फैसला जो भी हो, यह सुनवाई NEET विरोध प्रदर्शन से जुड़े पूरे विवाद की आगे की कानूनी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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