राष्ट्रीय | समा मेहरा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले दिन से ही चर्चा से बचने की कोशिश की, विपक्ष की मांगों को नजरअंदाज किया और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देर से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। खड़गे ने दो टूक कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना विपक्ष NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार नहीं होगा।
खड़गे ने कहा कि विपक्ष नियम 267 के तहत राज्यसभा में NEET विवाद पर चर्चा चाहता था, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई। उनका आरोप था कि यदि सरकार की मंशा साफ होती तो संसद के पहले ही दिन इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाती। इसके बजाय छात्रों और युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ। खड़गे ने कहा, “हम संसद सदस्य हैं, लेकिन आज सत्ताधारी दल के लोगों ने हमारे लिए दरवाजा बंद कर दिया। उन्हें शर्म आनी चाहिए।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे ने कहा कि अब जब प्रधानमंत्री युवाओं के भविष्य की बात कर रहे हैं तो सवाल यह है कि वे अब तक चुप क्यों थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात के लिए प्रधानमंत्री स्वयं जिम्मेदार हैं और उनकी नीयत इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा कराने की नहीं दिखती।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपने सांसदों को आंदोलन का विरोध करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर खुली चर्चा करने के बजाय चुप्पी साध लेती है।
खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और आंदोलन कर रहे छात्रों का अपमान किया है। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष की मांग स्पष्ट है—पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, उसके बाद ही NEET मुद्दे पर संसद में चर्चा संभव होगी।
सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं संसद में NEET विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार जारी है।




