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केरल के जज का दावा—बेटे ने बिना बताए निकाली मर्सिडीज, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

17 वर्षीय बेटे की चलाई कार से टक्कर में 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत; हादसे के मामले में अतिरिक्त जिला जज भी आरोपी, पीड़ित परिवार ने की जज के निलंबन की मांग

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | कोच्चि/तिरुवनंतपुरम | 29 अक्टूबर 2026

केरल में एक सड़क हादसे के मामले में आरोपी बनाए गए अतिरिक्त जिला जज ने अदालत में दावा किया है कि उनके 17 वर्षीय बेटे ने उनकी जानकारी के बिना घर से मर्सिडीज-बेंज कार निकाल ली थी। इस मामले में केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को जज की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगाने का आदेश दिया।

यह मामला कोच्चि में रविवार तड़के हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। कथित तौर पर नाबालिग बेटे द्वारा चलाई जा रही मर्सिडीज की टक्कर से 55 वर्षीय स्कूटर सवार जयबालकृष्णन की मौत हो गई थी। हादसे के बाद पुलिस ने जज को भी मामले में आरोपी बनाया।

अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट का आदेश

अतिरिक्त जिला जज ने अग्रिम जमानत के लिए केरल हाईकोर्ट का रुख किया था। याचिका में उन्होंने कहा कि कार उनकी जानकारी के बिना घर से निकाली गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं।

न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि फिलहाल जज को गिरफ्तार न किया जाए। यह अंतरिम राहत है; इससे मामले में आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

मृतक के परिवार ने की निलंबन की मांग

हादसे में जान गंवाने वाले जयबालकृष्णन के परिवार ने जज को निलंबित करने की मांग उठाई है। मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि आरोपी बनाए गए जज मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी हैं, जहां सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मुआवजे के मामलों की सुनवाई होती है।

अब जांच पर टिकी निगाहें

पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कार घर से किन परिस्थितियों में निकाली गई, हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था और मामले में जज की कथित भूमिका क्या थी। जज ने अपनी याचिका में अनभिज्ञता और जांच में सहयोग का दावा किया है, जबकि पुलिस ने उन्हें आरोपी बनाया है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक है। मामले में आगे की कार्रवाई और अग्रिम जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

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