बिजनेस | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 29 अक्टूबर 2026
मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह ने भारतीय कॉरपोरेट जगत में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद रिलायंस समूह का संयुक्त बाजार पूंजीकरण बढ़कर ₹29.57 लाख करोड़ पहुंच गया है। इस आंकड़े के साथ समूह ने बाजार मूल्य के लिहाज से टाटा और अडानी समूहों को पीछे छोड़ दिया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कारोबार के पहले दिन कंपनी का शेयर 26.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,417.35 पर बंद हुआ। इसके बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर ₹13.05 लाख करोड़ हो गया और वह भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी नंबर एक
28 अक्टूबर तक के बाजार आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ₹15.17 लाख करोड़ के बाजार पूंजीकरण के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने समूह की कुल बाजार कीमत में बड़ा इजाफा किया है।
रिलायंस समूह की तीन प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों—रिलायंस इंडस्ट्रीज, जियो प्लेटफॉर्म्स और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज—का संयुक्त बाजार पूंजीकरण ₹29.57 लाख करोड़ हो गया है। इनमें जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का बाजार पूंजीकरण ₹1.35 लाख करोड़ बताया गया है।
जियो की लिस्टिंग क्यों है खास?
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में एंट्री निवेशकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी डिजिटल सेवाओं, दूरसंचार और तकनीक से जुड़े कारोबार में रिलायंस समूह की प्रमुख इकाई है। इसकी लिस्टिंग से निवेशकों को कंपनी के बाजार मूल्य और शेयर प्रदर्शन का स्वतंत्र आकलन करने का अवसर मिला है।
पहले दिन शेयर में 26.6 प्रतिशत की तेजी ने बाजार में कंपनी के प्रति मजबूत मांग का संकेत दिया। हालांकि, किसी शेयर की शुरुआती तेजी भविष्य में लगातार बढ़त की गारंटी नहीं होती। आगे इसका प्रदर्शन कंपनी के वित्तीय नतीजों, कारोबार की वृद्धि, प्रतिस्पर्धा और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
टाटा और अडानी समूहों से आगे निकला रिलायंस
जियो की लिस्टिंग के बाद रिलायंस समूह का कुल बाजार मूल्य टाटा और अडानी समूहों से अधिक हो गया है। यह तुलना समूहों की सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण के आधार पर की जाती है। बाजार पूंजीकरण शेयर की कीमत और उपलब्ध शेयरों की संख्या से तय होता है, इसलिए इसमें रोजाना बदलाव हो सकता है।
यह आंकड़ा रिलायंस समूह की बाजार में मजबूत स्थिति को दर्शाता है, लेकिन बाजार पूंजीकरण और वास्तविक नकदी या व्यक्तिगत संपत्ति एक ही चीज नहीं हैं।
क्या इससे मुकेश अंबानी की संपत्ति भी बढ़ेगी?
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग से मुकेश अंबानी और रिलायंस समूह के अन्य शेयरधारकों की संपत्ति पर असर पड़ सकता है। कंपनी के शेयरों की कीमत बढ़ने से उनकी हिस्सेदारी का बाजार मूल्य भी बढ़ सकता है। हालांकि, अंबानी की व्यक्तिगत संपत्ति में वास्तविक बदलाव का आकलन करने के लिए उनकी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी, अन्य संपत्तियों और देनदारियों का हिसाब जरूरी है।
जियो की शानदार शुरुआत ने रिलायंस समूह की बाजार स्थिति को नई ऊंचाई दी है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि शुरुआती उत्साह के बाद कंपनी अपना प्रदर्शन किस तरह बनाए रखती है और क्या यह तेजी आने वाले समय में भी कायम रह पाती है।



